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सिरसा साइबर पुलिस की पहल, खैरपुर स्कूल में छात्रों को दी साइबर सेफ्टी की ट्रेनिंग II

सिरसा साइबर पुलिस की पहल, खैरपुर स्कूल में छात्रों को दी साइबर सेफ्टी की ट्रेनिंग II

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- थाना साईबर सिरसा उप नि0 सुभाष चन्द्र के निर्देशन मे ASi Babbu थाना साईबर क्राईम सिरसा पुलिस के द्वारा खैरपुर स्कूल में साईबर राहगीरी कार्यक्रम आयोजित आज दिनांक 06.08.2025 राजकीय सीनियर सैकेंडरी स्कूल, खैरपुर (सिरसा) में साइबर क्राइम के प्रति छात्रों को जागरूक करने हेतु एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशेषज्ञ वक्ताओं और साइबर पुलिस प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों और उनसे बचाव के उपायों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।वक्ताओं ने बताया कि आज के समय में तकनीक जितनी सुविधाजनक बनी है, उतनी ही तेजी से इससे जुड़े साइबर अपराध भी बढ़ते जा रहे हैं। अपराधी आजकल सोशल मीडिया, गेमिंग ऐप्स, ऑनलाइन ट्रेडिंग, क्रिप्टो करेंसी, फेक कस्टमर केयर, AI वॉइस क्लोनिंग, फोन हैकिंग ऐप्स (AnyDesk, TeamViewer,RTO Challan ), और बच्चों को टारगेट करने वाले फ्री गेम्स या अश्लील कंटेंट के ज़रिए आम नागरिकों को शिकार बना रहे हैं।
छात्रों को बताया गया कि साइबर अपराध कई बार हमारी भावुकता, लालच या जल्दबाजी का फायदा उठाकर किया जाता है। इसलिए हर कॉल, लिंक, ऐप या ऑफर पर सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए।इस कार्यक्रम में छात्रों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख सावधानियों और व्यवहारों से अवगत कराया गया,
साइबर क्राइम से बचने के लिए हमेशा इन बातों का रखें ध्यान:
अनजान कॉल/लिंक पर भरोसा न करें, लालच में न आएं, हर कॉल को संदिग्ध मानें, सोशल मीडिया ऑफर से दूर रहें, कोई भी जानकारी जैसे OTP, पासवर्ड, पिन शेयर न करें, पुलिस या अधिकारी कभी पैसे मांगकर कॉल नहीं करते, AI वॉइस क्लोनिंग से भी ठगी हो सकती है, टेलीग्राम-व्हाट्सएप पर इनकम के झांसे में न आएं, हर जानकारी को पहले खुद वेरिफाई करें तभी साइबर फ्रॉड से बच सकते हैं।”
साइबर ठगी से बचने के लिए हमेशा इन बातों का रखें ध्यान:

  1. अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें।2. लालच में आकर कोई जानकारी न दें – फ्री गिफ्ट, ऑफर, इनाम आदि सिर्फ धोखा हो
    सकते हैं।
  2. हर कॉल को पहले संदिग्ध मानें, फिर सोच-समझकर जवाब दें।
  3. सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऑफर या स्कीम से दूर रहें।
  4. OTP, पासवर्ड, PIN जैसी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
  5. पुलिस या सरकारी अधिकारी कभी भी कॉल कर पैसे नहीं मांगते – ऐसा कॉल आए तो धोखाधड़ी हो सकती है।
  6. AI वॉइस क्लोनिंग (जब कोई आपकी पहचान की आवाज़ में बात करे) से भी ठगी हो सकती है – सतर्क रहें।
  7. टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर इनकम, कमाई या नौकरी के झांसे में न आएं।
  8. हर जानकारी, लिंक या ऑफर को खुद पहले जांचें और वेरिफाई करें।
  9. यदि कोई शक हो तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन (1930) पर बताएं।
    इन सरल नियमों का पालन करके आप खुद को और अपने परिवार को साइबर ठगी से सुरक्षित रख सकते हैं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें! साइबर अपराध की शिकायत कहां करें?
  10. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (Government of India)वेबसाइट: www.cybercrime.gov.in यहां पर ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराध, महिला/बच्चों से जुड़े अपराध आदि की शिकायत दर्ज की जा सकती है।2. साइबर हेल्पलाइन नंबर – 1930यदि आपके साथ तुरंत साइबर ठगी (जैसे UPI फ्रॉड, बैंकिंग धोखा, फर्जी ट्रांजेक्शन) हुआ है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, उतना अधिक पैसा वापस मिलने की संभावना रहती है।
  11. स्थानीय थाना या साइबर थानाकिसी भी नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में जाकर सीधे शिकायत कर सकते हैं। शिकायत के साथ स्क्रीनशॉट, कॉल डिटेल, चैट, ट्रांजेक्शन रसीद आदि सबूत भी साथ ले जाएं।4. Cyber Dost (Ministry of Home Affairs का सोशल मीडिया हैंडल)Twitter/X, Facebook आदि पर @CyberDost को फॉलो कर साइबर सुरक्षा की जानकारी पाएं।
  12. पुलिस कंट्रोल रूम या 112 नंबर (आपातकालीन स्थिति में)अगर साइबर अपराध किसी आपराधिक गतिविधि (जैसे यौन उत्पीड़न, धमकी) से जुड़ा है तो तुरंत 112 पर भी संपर्क करें।
    • शिकायत करते समय ध्यान रखें:
  • समय पर शिकायत करना बहुत जरूरी है।
  • उपलब्ध सबूत (screenshot, लिंक, नंबर, बैंक डिटेल आदि) जरूर साथ रखें।
  • अपनी पहचान व जानकारी गोपनीय रखें।
    • साइबर अपराध की रोकथाम में आपकी सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।

थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड करना हो सकता है खतरनाक
आजकल कई लोग ऐप्स को Google Play Store या Apple App Store की बजाय इंटरनेट से सीधा डाउनलोड (APK फाइल) कर लेते हैं, जिसे थर्ड पार्टी ऐप इंस्टॉल करना कहा जाता है। ऐसा करना आपकी साइबर सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा हो सकता है।
थर्ड पार्टी ऐप से क्या खतरा है?

  1. वायरस व मैलवेयर: इन ऐप्स में छिपे वायरस आपके फोन का पूरा डाटा चुरा सकते हैं।
  2. बैंकिंग फ्रॉड: ये ऐप आपकी बैंकिंग ऐप, पासवर्ड व OTP पढ़ सकते हैं और खाते से पैसे निकाल सकते हैं।
  3. गोपनीयता का उल्लंघन: ये आपकी लोकेशन, फोटो, कॉन्टैक्ट्स, मैसेज, माइक्रोफोन और कैमरा तक पहुंच ले सकते हैं।
  4. फोन को हैक करना आसान: रिमोट एक्सेस, स्क्रीन रिकॉर्डिंग व की-लॉगिंग जैसे हथकंडों से साइबर अपराधी आपके मोबाइल को पूरी तरह कंट्रोल कर सकते हैं।
  5. फर्जी कमाई या गेम के बहाने ठगी: गेमिंग, इनकम स्कीम या लोन ऐप्स के नाम पर झूठे वादों से फंसा लिया जाता है।
    ✅ क्या करें:
  • सिर्फ Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप डाउनलोड करें।
  • किसी भी वेबसाइट या अनजान लिंक से APK फाइल डाउनलोड न करें।
  • फोन की Settings में जाकर “Unknown Sources” को हमेशा बंद रखें।
  • ऐप डाउनलोड से पहले उसके रिव्यू, रेटिंग और डेवलपर की जानकारी जरूर जांचें।
  • यदि कोई ऐप फोन में संदिग्ध गतिविधि करने लगे, तो तुरंत अनइंस्टॉल करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
    सतर्क रहें – थर्ड पार्टी ऐप्स की चूक साइबर अपराधियों का मौका बन सकती है। विश्वसनीय ऐप्स का ही इस्तेमाल करें और अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
    कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन और उनके परिवारों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करना था।। #newstodayhry @newstodayhry

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