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अम्बाला से उठी आवाज़ फिलिस्तीन के साथ एकजुटता युद्ध नहीं शांति चाहिए II

अम्बाला से उठी आवाज़ फिलिस्तीन के साथ एकजुटता युद्ध नहीं शांति चाहिए II

अंबाला-(राहुल जाखड़):- अम्बाला में सेंकड़ो अमनपसंद लोगों ने फिलिस्तीन की जनता के साथ एकजुटता प्रकट कर दुनिया भर में संदेश दिया कि मानवता को युद्ध नहीं शांति चाहिए। इस एकजुट कार्यवाही में गाजा में इजराईली नरसंहार रोकने व मोदी सरकार द्वारा इजराईल को सैन्य एवं सुरक्षा सहयोग तुरंत बंद करने समेत भारत को अमरीकी सम्राज्यवाद का पिछलग्गु बनने की बजाए अपनी परम्परागत स्वतंत्र विदेश नीति पर चलने की मांग की गई।मजदूरों, किसानों व पेंशनर्ज संगठनों के कार्यकर्ताओ ने सुबह बस स्टेण्ड पर इकठे होकर नागरिक सभा की जिसमें सबसे पहले अहमदाबाद में हुई दुःखद विमान दुर्घटना में मारे गए नागरिकों को श्रदांजलि अर्पित कर घटना की एकस्पर्ट से जाँच करवाने व भविष्य में विमान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने का प्रस्ताव पास किया गया।इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पहले बस स्टेण्ड के प्रवेश द्वार और फिर अग्रसेन चौंक पर मानव श्रखला बनाई। सभी कार्यकर्ता इजराईल व अमरीकी सम्राज्यवाद के खिलाफ हाथों में प्ले कार्ड व मांगो के पोस्टर लिए हुए थे।सभा को मजदूर संगठन सीटू की और से कविता शर्मा व ललिता खन्ना, किसान सभा से मास्टर कुलदीप चौहान, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से करनेल सिंह व दयाल चंद सैनी तथा सीपीएम के जिला सचिव सतीश सेठी व सीपीआई के जिला सचिव ओम प्रकाश ने सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत के फिलिस्तीन के साथ शुरू से ही बेहतर व सहयोगी संबंध रहे है। भारत सदैव फिलिस्तीन की आजादी का समर्थक रहा है। परन्तु मोदी सरकार ने अमरीका के आगे घुटने टेक दिए है। वह भारत के परम्परागत रुख से पीछे हट गई है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में गाजा में तत्काल युद्ध विराम के प्रस्ताव पर भारत ने वोटिंग में हिस्सा न लेकर दुनिया भर में किरकिरी करवाई है। उल्लेखनीय है की 4 जून को महासभा में आए प्रस्ताव पर कुल 180 देशो में से 149 ने युद्धविराम का जंहा पूर्ण समर्थन किया वंही अमरीका व इजराईल सहित 12 देशो ने प्रस्ताव का विरोध किया। परन्तु भारत समेत छोटे छोटे 19 देशों ने प्रस्ताव पर वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया था।कम्युनिस्ट पार्टी नेताओं ने कहा कि पिछले बीस महीने से इजराईल ने सम्राज्यवादी अमरीका के सहयोग से गाजा में बमबारी कर 55 हज़ार से ज्यादा निर्दोष नागरिकों की हत्याएं की है। इनमे 61% महिलाए व बच्चे शामिल है। इजराईल की क्रूरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह जानबूझ कर स्कूलों, हस्पतालो व शरणार्थी शिविरो को निशाना बना रहा है।यही नहीं इजराईल ने मानवता को शर्मशार करने की सभी हदे पार कर दी है। दुनिया भर से फिलिस्तीन भेजी जा रही खाद्य सामग्री व दवाईयों को वह पीड़ितों तक पहुंचने नहीं दे रहा है। हाल ही में उसने ऐसे ही एक जहाज मेडलिन व उसमे सवार मानवाधिकार कार्यकर्ताओ को बंधक बना लिया है। अमरीका की शह पर इजराईल सरकार और उसके मुखिया नेतन्याहू दुनिया भर के देशो, संयुक्त राष्ट्र महासभा व अंतराष्ट्रीय कोर्ट के निर्देशों तक की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहा है। अब फिलिस्तीन के साथ ही उसने उसने ईरान पर सैन्य हमला कर उकसावे वाली कार्यवाही की है। पूर्व कर्मचारी नेता अशोक वर्मा व सीटू प्रधान बाबू राम तथा वेद प्रकाश ने कहा कि सम्राज्यवाद अपने विस्तार की खातिर दुनिया को युद्ध की आग में धकेल रहा है। इसलिए हम अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी से अपील करते है कि दुनिया भर में हो रहे सभी युद्ध फौरन रोके जाने चाहिए। क्योंकि इनमे सबसे ज्यादा निर्दोष नागरिक ही निशाना बनते है। युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। यह हमेशा भुखमरी व अकाल एवं हिंसा लेकर आते है।। #newstodayhry @newstodayhry

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