सैटेलाइट को कूड़े की आग दिखती है, फसल नहीं: लखविंदर औलख
सैटेलाइट को कूड़े की आग दिखती है, फसल नहीं: लखविंदर औलख
सिरसा :- (अक्षित कम्बोज) बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने गांव पंजुआना में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार के पोर्टल रूपी काले कानून से किसान परेशान है। खेत में काम करने की बजाय किसानों को दफ्तर के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। जिले में ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर सत्यापन के दौरान फसल फेरबदल कर दिए जाने से किसानों को अपनी फसलें बेचने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कालांवाली तहसील के गांव पंजुआना, थिराज और अलीकां के किसानों ने बताया कि उनके खेतों में बाजरा, नरमा, कपास और धान की फसल खड़ी है, लेकिन पोर्टल पर वेरिफिकेशन के दौरान बाजरे की जगह अमरूद, रुई की जगह धान और धान की जगह नरमा दर्ज कर दिया गया है। इस गलत वेरिफिकेशन के कारण किसानों की फसलें मंडियों में एमएसपी पर नहीं बिक पा रही हैं और पोर्टल पर रिकॉर्ड मिसमैच बता रहा है। औलख ने बताया कि यह लापरवाही नहीं, किसानों को तंग करने की साजिश है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि तुरंत टीम भेजकर दोबारा वेरिफिकेशन करवाया जाए और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे तहसील कार्यालय पर धरना देंगे। किसानों के खेतों में पंजीकरण में सत्यापन के दौरान फसल फेरबदल के कारण आ रही परेशानी को लेकर बीकेई लखविंदर सिंह सिरसा पंजुआना पहुंचे। उपस्थित किसानों की समस्याएं सुनकर उन्होंने किसानों के खेतों में गलत वेरिफिकेशन रिपोर्ट पेश करने के कारण किसानों को आ रही परेशानी के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया। औलख ने कहा कि हमारे किसान अगर खेत में चाय बनाने के लिए भी आग जलते हैं तो इस समय सेटेलाइट द्वारा दिखा दिया जाता है तथा सभी अधिकारी खेत में पहुंच जाते हैं, लेकिन जब किसान की फसल का नुकसान हो जाए या वेरिफिकेशन करना हो उसे समय सरकारी सैटेलाइट काम नहीं करते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसानों को तंग करने के लिए ही यह सारे कानून थोपे जा रहे हैं। इस अवसर पर बीकेई से सर्वजीत कंबोज, सतनाम सिंह, लाभ सिंह, अंग्रेज सिंह, मग्घर सिंह, जगदीप सिंह मनप्रीत सिंह, सुखविंदर सिंह, जशनदीप, सुखविंदर, साधू सिंह, गुरमेंदर सिंह, गुरमेल सिंह, कर्मतेज, गुरनैब दंदीवाल, जसप्रीत सिंह, नेक सिंह, जलविंद्र, जगराज सिंह, लखवीर सिंह, मनदीप सिंह, गगन, गुरप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह, मन्ना सिंह आदि सहित अनेक किसान मौजूद रहे।


