Uncategorized
Trending

असंतुलन उर्वरक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है-डॉक्टर देवेन्द्र जाखड।।

असंतुलन उर्वरक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है-डॉक्टर देवेन्द्र जाखड।।

ओढ़ा-(गुरनैब दंदीवाल):-गांव खुइयां मल्काना में कृषि विज्ञान केंद्र सिरसा द्वारा संतुलित उर्वरक प्रबंधन विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरकों के प्रयोग मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से खेती एवं पशुपालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र सिरसा के समन्वयक एवं मृदा वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र सिंह जाखड़ ने किसानों को बताया कि फसलों में आवश्यकता अनुसार एवं मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि असंतुलित उर्वरक प्रयोग से मिट्टी की उर्वराशक्ति प्रभावित होती है तथा उत्पादन लागत बढ़ती है। उन्होंने जैविक खाद हरी खाद तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग पर भी जोर दिया।कार्यक्रम में पशु चिकित्सा वैज्ञानिक डॉ. हरदीप कलकल ने पशुओं की प्रमुख समस्याओं जैसे थनैला रोग रिपीट ब्रीडिंग पशुओं में पोषण की कमी तथा समय पर टीकाकरण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को पशुओं के संतुलित आहार स्वच्छता तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक किया।कार्यक्रम में गांव के सरपंच के पति यादविंदर सिंह तथा गांव सांवतखेड़ा के पूर्व सरपंच रणजीत सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। अंत में किसानों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की और कार्यक्रम की सराहना की।। #newstodayhry @newstodayhry

Related Articles

Back to top button