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सोशल मीडिया के दौर में बच्चों की रचनात्मकता को मंच, 50 बच्चे कार्यशाला में शामिल

सोशल मीडिया के दौर में बच्चों की रचनात्मकता को मंच, 50 बच्चे कार्यशाला में शामिल

सिरसा :- (अक्षित कम्बोज )माता महादेवी कौशिक बाल साहित्य संस्थान, सिरसा द्वारा श्री युवक साहित्य सदन, सिरसा के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय बाल साहित्य लेखन कार्यशाला का उद्घाटन ‘दी सिरसा स्कूल,बरनाला रोड, सिरसा’ में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार थे, जबकि अध्यक्षता निदेशिका एवं प्रिंसिपल ‘दी सिरसा स्कूल’ मनीषा गोदारा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जयंत कुमार शर्मा, जिला अध्यक्ष, संस्कार भारती, वरिष्ठ साहित्यकार व संस्था संरक्षक प्रो. रूप देवगुण, युवक साहित्य सदन के प्रधान प्रवीण बागला तथा मुख्य प्रशिक्षक उदय किरौला सम्मिलित हुए। कुलसचिव प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में एक कहानी के माध्यम से गुरु का महत्त्व बताया। माता महादेवी कौशिक बाल साहित्य संस्थान की अध्यक्ष डॉ. शील कौशिक ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि सोशल मीडिया के युग में बच्चों की प्रतिभा छिन गई है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए उन्हें मौखिक व लिखित अभिव्यक्ति का अवसर देना है। हमारे समाज में कई अंधविश्वास व कुरीतियां व्याप्त हैं। इसके लिए बच्चों के मन में बचपन से ही वैज्ञानिक सोच जाग्रत करने की जरूरत है। कार्यशाला के मुख्य संदर्भदाता अल्मोड़ा,उत्तराखंड से आए बालप्रहरी पत्रिका के संपादक एवं बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा के सचिव उदय किरौला ने कहा कि बालप्रहरी ने अभी तक भारत के 16 राज्यों में लगभग 350 आॅफलाइन कार्यशालाएं आयोजित की हैं। मंच संचालन नेहा शर्मा ने तथा आए हुए अतिथियों का आभार डॉ. मेजर शक्तिराज कौशिक ने किया। आज की कार्यशाला में 9 टू 1 स्कॉलर हैवन स्कूल के बच्चों ने महिला सशक्तिकरण पर नाटक प्रस्तुत किया। आज संपन्न हिंदी व अंग्रेजी शब्द लेखन प्रतियोगिताओं में विजेता बच्चों को पुरस्कार प्रदान किया गया। आज बच्चों को ‘तोता कहता है’,जैसा मैं कहूँ, ‘कितना बड़ा पहाड़’ तथा पिज्जा हट खेल कराए गए। संस्थान के सचिव हरीश सेठी झिलमिल ने बच्चों को कविता लेखन की बारीकियां बताई तथा अपनी एक कविता सुनाई। बच्चों ने सिरसा,स्कूल, बच्चे, फूल,सुंदर, प्रदूषण, नगर,पानी,मेरा आदि शब्दों पर अपनी-अपनी कविताएं तैयार कीं।उसके बाद दिए हुए विषय के आधार पर कविता तैयार की। बच्चों ने अपनी हस्तलिखित पुस्तक के लिए मेरा परिचय, मेरा स्कूल तथा एक पेंटिंग तैयार की। कार्यशाला में सरकारी व निजी स्कूलों के 50 बच्चे प्रतिभाग कर रहे हैं। इस अवसर पर कार्यकारिणी सदस्य अंजु डूमरा, रेणुका प्रवीण, रुझान चौधरी तथा शहर के गणमान्य व्यक्ति डॉ. राजकुमार निजात, विशाल वत्स, लाज पुष्प, मदन वर्मा, तुषार शर्मा, सुरेश गौतम सहित शिक्षक व अभिभावक उपस्थित थे।

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