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मारुति मंदिर में सिलाई-कढ़ाई प्रतियोगिता आयोजित, पूनम रही प्रथम, स्वामी साहुवाला ने किया सम्मानित II

मारुति मंदिर में सिलाई-कढ़ाई प्रतियोगिता आयोजित, पूनम रही प्रथम, स्वामी साहुवाला ने किया सम्मानित II

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- जीवन एक बहती हुई नदी की तरह हैं जिसमें हर वक्त पानी चलता रहता हैं। उसी प्रकार इस संसार में कुछ भी स्थायी नहीं रहता चाहे हमारे रिश्ते-नाते हो, अमीरी-गरीबी हो, सुख-दुख हो, बिमारी या परेषानियां अथवा समस्याएं हो, इसलिए हमें अधिक तनाव ग्रस्त नहीं रहना हैं बल्कि जैसी भी परिस्थिति हो, उसे स्वीकार कर लेते हैं। तभी हम सुख पूर्वक जीवन जी सकते हैं। ये षब्द लायन्स क्लब सिरसाा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेष साहुवाला ने स्थानीय मारूति मन्दिर में सर्वश्रेश्ठ सिलाई-कढ़ाई प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथी व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी खराब क्यू ना हो, लेकिन एक-ना-एक दिन जरूर बदल जाती हैं। इसलिए हमें खराब परिस्थितियों के वक्त नहीं घबराना चाहिए क्योंकि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और समय का पता ही नहीं चलता कि कब बदल गया। इसलिए हमें अपने जीवन को आनंदित, उत्साह पूर्वक तथा उमंग से भरपूर बनाना होगा तभी हम इस संसार में आनन्दपूर्वक रह सकते हैं।

श्री साहुवाला ने कहा कि:-

इंसान मकान बदलता हैं, संबंध बदलता हैं, वस्त्र बदलता है फिर भी वह दुखी रहता हैं क्योंकि वह अपने स्वभाव को नहीं बदलता हैं। अगर व्यक्ति अपने आप को बदल ले तो उसके जीवन में खुशियां ही खुशियां आ सकती है। इसलिए हमें कभी किसी का अपमान नहीं करना चाहिए और ना ही किसी को अपने से तुच्छ समझना चाहिए क्योंकि व्यक्ति षक्तिषाली हो सकता हैं परन्तु समय आपसे अधिक षक्तिषाली हैं। उन्होंने कहा किसी को भी खुष करने का मौका मिलें तो हमें उस मौके को नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि वे फरिष्ते ही होते हैं जो किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट दे पाते हैं। इसलिए जीवन में जहां तक हो सके वहां तक षुभ कर्म करना चाहिए तभी हम महान बन सकते है। उन्होंने कहा वक्त से हारा या जीता नहीं जाता बल्कि सीखा जाता हैं क्योंकि जब हम इस संसार में आते हैं तो हमारा कोई भी मित्र या षत्रु नहीं होता बल्कि हमारा व्यवहार और वाणी ही लोगो को मित्र और षत्रु बनाती हैं। इसलिए हमें अपनी वाणी को मधुर बनाना होगा तभी हमारे रिष्ते मधुर रह सकते हैं। इससे पूर्व सैन्टर की संचालिका रजनी एवं दीपा ने मुख्यातिथि स्वामी रमेष साहुवाला का स्वागत किया तथा उन्होंने प्रतियोगिता करवाने के लिए धन्यवाद किया और बताया कि इस प्रतियोगिता में सबसे अच्छी सिलाई-कढ़ाई पूनम ने की थी। उन्होंने बताया कि पूनम के अलावा नीलम, आषा और भावना ने भी सुन्दर सिलाई कढ़ाई कर रखी थी तथा मुख्यातिथि स्वामी रमेष साहुवाला ने प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सीजल, नीलम, आषा, सुमन, सीता, रीना, निषा, सोनम, रचना, गजल, रंजु, पारूल उपस्थित थे।। #newstodayhry @newstodayhry

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