पंडित नेकीराम राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटों में से 80 पर हुए दाखिले II
पंडित नेकीराम राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटों में से 80 पर हुए दाखिले II


भिवानी-(अभिषेक ठाकुर):- भिवानी स्थित पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय शुरू हो गया है। जिसमें काउंसिलिंग द्वारा एडमिशन किए जा रहे हैं। पंडित नेकीराम मेडिकल कॉलेज में 100 सीटों की मंजूरी मिली थी। अभी तक 80 सीटों पर एडमिशन हो चुका है। जबकि 20 सीटें बची हुई है। इन बची हुई सीटों पर काउंसिलिंग जारी रहेगी। वहीं जल्दी ही काउंसिलिंग के जरिए इन सीटों को भी भरा जाएगा। इधर, कॉलेज में एडमिशन लेने पहुंचे छात्रों ने कहा कि यहां पहुंचकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) डॉ. धीरज परिहार ने कहा कि हम एक साल से प्रयास कर रहे थे। उसका परिणाम है कि एडमिशन हो रहे हैं। सरकार के सहयोग से मेडिकल कॉलेज में पूरी सुविधाएं हैं। कॉलेज को एमबीबीएस की 100 सीटें मिली थी। जबकि 80 सीटों पर एडमिशन हो चुका है, जबकि 20 सीटें रिक्त हैं। इन सीटों पर एडमिशन के लिए काउंसिलिंग जारी है। उन्होंने कहा कि नया कॉलेज है, तो उसमें अपग्रेडिड सुविधाएं मिलेंगी। पढ़ाई ही नहीं जो सुविधाएं व उपकरण लिए जा रहे हैं तो वे भी अपग्रेड है। स्टूडेंट को भी इसका फायदा मिलेगा। साथ ही यहां की जनता को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अब तक एडमिशन के लिए काउंसिलिंग के 2 राउंड हुए हैं। अब तीसरा राउंड भी होगा। हालांकि पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज देरी से शुरू हुआ था, इसलिए दूसरे राउंड से एडमिशन शुरू हुए हैं।
करनाल के गांव बैगमपुर निवासी राशि गोयत ने बताया कि:-
यहां पूरा माहौल अच्छा है। फैकल्टी भी काफी अच्छी है। मैनेजमेंट, होस्टल व रूम आदि भी अच्छा है। उन्होंने कहा कि उनकी पढ़ाई में टीचरों ने भी पूरा सहयोग दिया। उनके परिवार में कजन डॉक्टर हैं। तीन बहनें पहले से एमबीबीएस कर रही है। यह सपना भी मेरे पैरेंट्स ने दिखाया था। जिस प्रकार नीट के लिए तैयारी की थी, वैसी पढ़ाई जारी रहेगी। ताकि अच्छा डॉक्टर बना जा सके। एमबीबीएस के लिए सबसे ज्यादा प्रेरणा परिवार ने दी, हमेंशा बताते थे कि अब ऐसे कर-अब ऐसे करे। पिता प्राइवेट टीचर हैं और खेतीबाड़ी भी करते हैं। वहीं मां गृहणी हैं। उनकी ज्वाइंट फैमिली है। साथ पहुंची उनकी दादी सरोज देवी ने कहा कि अब हम बहुत खुश है। अब खुशी-खुशी घर जाएंगे। ताकि हमारी पोती डॉक्टर बनकर नाम रोशन करेगी। मेडिकल कॉलेज की सुविधाएं अच्छी लगी, इसलिए यहां पर एडमिशन करवाया। एडमिशन लेने पहुंचे करनाल निवासी चिराग धनखड़ ने कहा कि यहां पहुंचकर काफी अच्छा लगा। फैकल्टी भी काफी अच्छी है और मैनेजमेंट भी। हर बच्चे का सपना होता है कि वह मेडिकल फिल्ड में जाए। मेडिक कॉलेज में जाने के बाद अलग ही फिलिंग आती है। परिवार में कोई और मेडिकल लाइन में नहीं हैं। उन्होंने 10वीं-11वीं कक्षा में एमबीबीएस करने का सपना बनाया था। तब पता लगा कि एमबीबीएस के लिए नीट का एग्जाम होता है, तो उसके लिए तैयारी की और पास कर लिया। उसके पिता गवर्नमेंट टीचर हैं।। #newstodayhry @newstodayhry



