दिव्यांग खिलाड़ियों संग भेदभाव का आरोप, डीसीसीआई पर तानाशाही के सवाल।।
दिव्यांग खिलाड़ियों संग भेदभाव का आरोप, डीसीसीआई पर तानाशाही के सवाल।।

भिवानी-(अभिषेक ठाकुर):- खिलाड़ियों के साथ हो रहा है भेदभाव : प्रदेश महासचिव: दिव्यांग खिलाड़ियों के अधिकारों की को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ व बीसीसीआई को लिखा जाएगा पत्र: कुलदीप दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आए करोड़ों रुपए के खर्च और लेनदेन की होगी जांच डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ हरियाणा द्वारा दिव्यांग खिलाड़ियों और उनके अधिकारों व सम्मान की लड़ाई को लेकर पत्रकार वार्ता की गई और पत्रकार वार्ता के दौरान दिव्यांग खिलाड़ियों पर हो रही तानाशाही और उनके अधिकारों के हनन को लेकर संगठन के पदाधिकारी व खिलाड़ियों के द्वारा आवाज उठाई गई है ,कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है तथा जो उन्हें मंच मिलना चाहिए वह एकात्मक व्यक्ति की तानाशाही के चलते उन्हें नहीं मिल पा रहा है। उपरोक्त आरोप लगाते हुए संगठन के प्रदेश महासचिव राजकुमार सुनसुना ने कहा कि काफी दिनों से दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए बीसीसीआई से संबंधित संस्था डीसीसीआई और डीसीसीआई के महासचिव पद पर आसीन रवि चौहान खिलाड़ियों व संगठन के साथ तानाशाही बरत रहे हैं । चाहे वह खिलाड़ियों के सुख सुविधाओं की बात हो, उनके सम्मान की बात हो या फिर उनको आर्थिक रूप से मजबूत करने व अन्य सुख सुविधा देने हेतु बात हो, दिव्यांग खिलाड़ियों व एसोसिएशन के पदाधिकारियों को मानसिक रूप से परेशान किया गया है। उन्होंने कहा कि रवि चौहान अपनी मनमानी करते हैं और उनके खिलाड़ियों व उनकी एसोसिएशन की अनदेखी करते हैं, राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय खेल स्तर की खेल स्पर्धा में हरियाणा के खिलाड़ियों पर बार-बार गलत आरोप लगाकर बाहर निकाल दिया जाता है । उन्होंने कहा कि 2019 में हरियाणा के खिलाड़ियों की प्रतिभा के बल पर भारत की टीम ने इंग्लैंड में वर्ल्ड कप जीता था । उससे पहले भी भारत की टीम पीसीसीएआई के बैनर के नीचे अफगानिस्तान, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, इंग्लैंड सहित अनेक देशों में खेलने गई है और वहां पर हरियाणा के खिलाड़ियों की बदौलत टीम ने जीत का तिरंगा लहरा कर देश का नाम रोशन किया है। इस बार हरियाणा के खिलाड़ी भारत की टीम में शामिल नहीं किए ,जिसके चलते 3 दिन पहले भारत की टीम ने 6- 1से बड़ी हार हुई है ,यदि यहां पर तानाशाही नई बरती जाती और खिलाड़ियों का अच्छी तरह चयन होता तो हरियाणा के खिलाड़ी इस टीम में शामिल होते तो यह बुरी हार नहीं होती। राजकुमार सुनसुना ने कहा कि हरियाणा की संगठन व हरियाणा के खिलाड़ियों को अनदेखी का शिकार इसलिए बनाया जाता है कि वह सुख सुविधाओं को लेकर आवाज उठाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब से डीसीसीआई बनी है तब से हरियाणा के खिलाड़ियों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है और उन पर तरह-तरह के गलत आरोप लगाकर उनको प्रताड़ित किया जाता है । उन्होंने कहा कि अब हरियाणा की संगठन व हरियाणा के खिलाड़ी अपने अधिकार की आवाज को उठाने के लिए खुले मंच पर आ गए हैं और काफी ऐसे संगठन हैं ,जो बीसीसीआई और रवि चौहान की तानाशाही के विरोध में पर्दे के पीछे खड़े हैं। उन्होंने कहा कि रवि चौहान जो भी खिलाड़ी व संगठन आवाज उठाते हैं तो उनका चयन न करने की धमकी देकर दबाव बनाता रहता है। राजकुमार ने आरोप लगाया कि उन्हें सूत्रों के हवाले से पता चला है कि करोड़ों रुपए कॉरपोरेट हाउस से सीएसआर का पैसा डीसीसीआई में आया है जो खिलाड़ियों पर कम, कमीशन ऐजेंट को और महासचिव ने अपने साथियों के निजी स्वार्थ पर अधिक खर्च किए हैं , जिसकी पूरी तरह से जांच हो और डीसीसीआई को भंग किया जाए। क्योंकि डीसीसीआई का कोई भी प्रमाण पत्र नहीं है कि वह बीसीसीआई से संबंध है या नहीं, क्योंकि वह बार-बार जय शाह और बीसीसीआई का हवाला देखकर संगठनो व खिलाड़ियों को लंबे समय से गुमराह करता आ रहा है। जबकि उसने कोई भी प्रमाण पत्र हमारी एसोसिएशनो के समक्ष नहीं रखा है। उन्होंने कहा कि इस बाबत में हमने फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र लोहिया को भी शिकायत पत्र लिखा है और जल्द ही हरियाणा के मुख्यमंत्री, खेल मंत्री और बीसीसीआई को भी हमें शिकायत भेज रहे हैं ,ताकि इन पर कड़ी कार्रवाई हो और दिव्यांगों का जो करोड़ों रुपए आया है उसका हिसाब किया जाए ,की कितना दिव्यांग खिलाड़ियों पर खर्च हुआ है और कितना ऐसो आराम पर व फिजूल खर्च किया गया है। इसकी पूरी जांच हो। वही इस अवसर पर हरियाणा शतरंज एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव एवं पेरिस इंटरनेशनल ओलंपिक शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने कहा कि यदि दिव्यांग खिलाड़ियों के साथ ऐसा हुआ है तो यह गहन चिंतन और जांच का विषय है । इस पर पूरी तरह से निष्पक्ष जांच हो ,इसकी वह मांग करते हैं कि कितना रुपया कॉरपोरेट हाउस से आया और कितना खिलाड़ियों पर खर्च हुआ तथा कितना अन्य सुख सुविधाओं पर निजी स्वार्थ के लिए खर्च किया गया। उसकी पूरी तरह से जांच की मांग़ भारतीय ओलंपिक संघ, बीसीसीआई और खेल मंत्रालय से की जाएगी ताकि दिव्यांग खिलाड़ियों का पैसा दिव्यांग खिलाड़ियों पर ही लगे। निजी स्वार्थ पर नहीं, उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों की अनदेखी और हरियाणा की संगठन के साथ भेदभाव करने का जो आरोप सामने आया है ,यह गलत है। इसकी पूरी तरह से जांच की जाएगी, उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था में किसी व्यक्ति को एकात्मक फैसला लेने का अधिकार नहीं है ,खिलाड़ियों का पैसा खिलाड़ियों पर ही खर्च हो ,निजी सुख सुविधाओं पर नहीं होना चाहिए । उन्होंने कहा कि प्राइवेट या गवर्नमेंट सेक्टर से पैसा जो भी आया है, उसकी पूर्ण रूप से जांच करवाई जाएगी और हरियाणा के खिलाड़ियों की जो अनदेखी की गई है , उस विषय पर भी जवाब मांगा जाएगा, क्योंकि हरियाणा के खिलाड़ियों ने समय-समय पर कॉमनवेल्थ, ओलंपिक जैसे खेलों में भारत का नाम रोशन किया है, यदि हरियाणा के दिव्यांग खिलाड़ियों व संगठन की अनदेखी की गई है तो इसके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों के अधिकारों का हनन नहीं करने दिया जाएगा। ऐसा नहीं है कि कोई भी एक प्राइवेट संस्था बनाकर खेल का नेतृत्व करें, और उनके नाम से आए पैसों को गबन कर ले। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का 2011 का एक्ट में प्रावधान है कि कोई भी अनलीगल बॉडी किसी के अधिकारों का हनन नहीं कर सकती । उन्होंने कहा कि डीसीसीआई ने दिव्यांग खिलाड़ियों की अनदेखी की है और अपने आप को बीसीसीआई से संबंध बात कर खिलाड़ियों व देश के सभी संगठनो को गुमराह किया है । इसके प्रति भी बीसीसीआई, भारतीय ओलंपिक संघ ,खेल मंत्रालय भारत सरकार को पत्र लिखकर जांच करवाई जाएगी और यह भी जांच करवाई जाएगी की डीसीसीआई ने कहां-कहां से कितने रुपए का लेनदेन किया है और कितना रुपए दिव्यांग खिलाड़ियों पर खर्च हुआ है। हरियाणा व केंद्र सरकार को भी इस बाबत में पत्र लिखा जाएगा । उन्होंने कहा कि यदि डीसीसीआई के महासचिव इन आरोपों में शामिल है तो अविश्वास प्रस्ताव पास कर उन्हें पद से हटाया जाए और यदि डीसीसीआई को किसी प्रकार से कोई मानता नहीं मिली हुई है तो उसको बंद करवाया जाए। वही दिव्यांग समाज हरियाणा के पदाधिकारी सुनील पंवार ने भी हरियाणा के खिलाड़ियों व हरियाणा के संगठनो को आश्वासन दिया है कि उनके साथ यदि किसी प्रकार का भी गलत होता है तो वह उनके साथ कंधा से कंधा मिला कर खड़े हैं । उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के दिव्यांग बंधु दिव्यांग खिलाड़ियों के अधिकारों की आवाज को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है।। #newstodayhry @newstodayhry



