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मोटापा कम करने के लिए बेरिएट्रिक सर्जरी सबसे अच्छा विकल्प: डॉ. अमित गर्ग II

मोटापा कम करने के लिए बेरिएट्रिक सर्जरी सबसे अच्छा विकल्प: डॉ. अमित गर्ग II

चंडीगढ़-(उमंग सुराना):- युवा भारतीयों में मोटापे के बढ़ते रुझानों और मोटापे से होने वाले स्वास्थ्य खतरों के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए पार्क अस्पताल की टीम एंडोक्राइनोलॉजी, डायबिटीज और ओबेसिटी सेन्टर ऑफ़ एक्सीलेंस (सीईईडीओ) चेयरमैन डॉ. सुशील कोटरू, सीनियर एसोसिएट डायरेक्टर बैरियाट्रिक और मेटाबोलिक सर्जरी डॉ. अमित गर्ग और चीफ डायटीशियन लीना कोटरू ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का संबोधित किया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में, डॉ. सुशील कोटरू ने कहा:-

“हाल की एक अध्ययन में भारत की 70 प्रतिशत शहरी जनसंख्या ओवरवेट या ओबीस है।प्रसिद्ध पत्रिका लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, भारत इस वैश्विक खतरे की सूची में अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है जहां सबसे ज्यादा ओवरवेट लोग हैं।

डॉ. सुशील कोटरू ने आगे साझा किया कि:-

एक अन्य हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मोटापे की वैश्विक लागत सालाना 2 ट्रिलियन डॉलर है। भारत की 30 मिलियन वयस्क जनसंख्या या तो अधिक वजन वाली या मोटापे से ग्रस्त है और 62 मिलियन मधुमेह ग्रस्त है। डॉ. सुशील कोटरू ने कहा कि मोटापे के कारण टाइप-2 डायबिटीज और अन्य बीमारियां ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, कम सेल्फ-एस्टीम , डिप्रेशन, मासिक धर्म में अनियमितता, बांझपन, हर्निया, कैंसर और हार्ट फेल होती हैं।

डॉ. अमित गर्ग ने कहा:-

“अपने वजन का 5-10 प्रतिशत भी घटना कुछ उपरोक्‍त बीमारियों को देरी या रोकने में मदद कर सकता है। ये परिणाम अक्सर फिटनेस सेंटर, डाइटिशियंस और पोषण विशेषज्ञों से मिल सकते हैं। लेकिन कुछ स्थितियाँ ऐसी होती हैं जब मोटापे से निपटने के लिए बेरिएट्रिक सर्जरी सबसे अच्छा विकल्प होती है। डॉ. लीना ने कहा, “भारत में 60 प्रतिशत जीवित मधुमेह रोगियों में डियाबेसिटी (मधुमेह + मोटापा) प्रचलित है, जिनमें से लगभग 25-30 प्रतिशत का बीएमआई सूचकांक 30 से अधिक है। इस प्रवृत्ति के साथ, 2030 तक दुनिया के लगभग आधे वयस्क मोटे या अधिक वजन वाले होंगे।

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