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अंबाला मंडी में सूरजमुखी घोटाला: बिना रिकॉर्ड के ट्रक से पहुंची सरकारी बोरियां II

अंबाला मंडी में सूरजमुखी घोटाला: बिना रिकॉर्ड के ट्रक से पहुंची सरकारी बोरियां II

अंबाला-(राहुल जाखड़):- अंबाला शहर की अनाज मंडी में सूरजमुखी की खरीद सवालों के घेरे में आ गई है। यहाँ न सिर्फ फसल की खरीद को लेकर सवाल खड़े हुए हैं बल्कि मार्किट कमेटी के अधिकारी,हैफेड अधिकारी और यहाँ तक की मंडी के आढ़तियों पर भी सवालिया निशान खड़े हुए हैं। बता दें कि अंबाला शहर की अनाज मंडी में हो रहा गड़बड़झाला उस समय चर्चाओं में आ गया जब बिना किसी एंट्री या गेट पास के सरकारी बोरियों में सूरजमुखी भरकर एक ट्रक अनाज मंडी पहुंचा। क्या है यह पूरा मामला देखिये ये रिपोर्ट। ये तस्वीरें अंबाला शहर की अनाज मंडी की हैं। जहां रविवार होने का फायदा उठाकर सरकार को मोटा चूना लगाए जाने की तैयारी चल रही थी। जिसके बाद अधिकारीयों को मामले की जानकारी दी गई तो अधिकारी टालमटोल करते दिखाई दिए। ऐसे में हमने खुद शहर की अनाज मंडी पहुंचकर हालातों का जायजा लिया तो हैरान कर देने वाला नजारा सामने आया। बता दें कि जब हमारी टीम अनाज मंडी पहुंची तो देखने में सब कुछ सामान्य लग रहा था,लेकिन उसी वक्त एक ट्रक से गवर्नमेंट ऑफ़ हरियाणा की मुहर लगी कुछ बोरियां उतरती दिखाई दी। जिनमें सूरजमुखी की फसल भरी हुई थी और बोरियों पर वर्ष 2024-2025 लिखा हुआ था। देखते ही देखते इन बोरियों से सूरजमुखी की फसल को निकालकर मंडी में ही ढेरी किया जाने लगा। जिस अनाज मंडी में फसल किसान की ट्रॉलियों में आती है वहां सूरजमुखी की फसल को हरियाणा सरकार की मुहर लगी बोरियों में भरकर एक ट्रक के माध्यम से लाया जाना अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा था। और हैरानी की बात तो तब हुई जब मंडी के गेट पर बने गेट पास काटने वाले और गाड़ी के एंट्री करने वाले काउंटर पर ही ताला जड़ा मिला। जिसका सीधा मतलब यह था कि मंडी में आये इस ट्रक का मंडी बोर्ड के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है और रविवार का फायदा उठाकर अधिकारीयों की मिलीभगत से यहाँ सरकार को मोटा चूना लगाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जानकारी जिला के उच्च अधिकारीयों को दी गई तो अंबाला का आधे से ज्यादा प्रशासन हरकत में आया। आनन फानन में मार्किट कमेटी के सेक्रेटरी,तहसीलदार व् अन्य अधिकारी मामले की जांच के लिए अनाज मंडी पहुंचे और सरकारी बोरियों से सूरजमुखी की फसल को खाली किये जाने पर तुरंत रोक लगाई। फ़िलहाल अधिकारी जाँच के नाम पर खानापूर्ति ही करते नजर आ रहे हैं। क्योंकि जब हमने मार्किट कमेटी के सेक्रेटरी से ट्रक और जाँच के बारे में सवाल पूछा तो वो इस ट्रक को हैफेड का बताने लगे,लेकिन मंडी में आये ट्रक की कोई एंट्री या रिकॉर्ड की बात पर सेक्रेटरी भी बगलें झाँकने लगे और सूखे सूरजमुखी को भीगा हुआ बताने लगे। आप को बता दें अनाज मंडी में फसल लेकर आने वाले हर वाहन की एंट्री किया जाना अनिवार्य है। और मंडी में फसल किसान ट्रॉलियों में लेकर आता है। जिसके बाद खरीद एजेंसियां फसल खरीद कर उसका उठान करती है। लेकिन अंबाला की अनाज मंडी में उल्टी गंगा बहाई जा रही है। यहाँ ट्रक सरकारी बोरियों में फसल भरकर ला रहे हैं और उन्हें मंडी में खाली किया जा रहा है। ऐसे में अब सवाल खड़ा होता है कि रविवार के दिन मंडी में आये ट्रक का रिकॉर्ड आखिर किस विभाग के पास मिलेगा ? किसके इशारे पर बिना मंडी अधिकारीयों को जानकारी दिए मंडी में फसल पहुंची ? और यह फसल किस आढ़ती के पास जानी थी? और बिना अधिकारीयों को जानकारी दिए इस फसल को मंडी लेकर आने की क्या वजह थी II #newstodayhry @newstodayhry

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