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सूरजमुखी घोटाले में बड़ा खुलासा, सरकार को लगाया जा रहा था चूना।।

सूरजमुखी घोटाले में बड़ा खुलासा! सरकार को लगाया जा रहा था चूना।।

अंबाला-(राहुल जाखड़):- अंबाला शहर की अनाज मंडी में सूरजमुखी की खरीद की आड़ में सरकार को मोटा चूना लगाए जाने के खेल में हमारी खबर दिखाए जाने का बड़ा असर हुआ है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अब प्रशासन ने एसडीएम की अध्यक्षता में एक टीम गठित कर दी है। जो इस पूरे मामले की जांच करेगी। वहीं मीडिया द्वारा खबरें दिखाए जाने के बाद आज बड़ी संख्या में किसान भी मंडी पहुंचे और इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के लिए एसडीएम को शिकायत सौंपी। आपको बता दें कि बीते रोज बिना किसी गेट पास के अंबाला शहर की अनाज मंडी में एक ट्रक सरकार की मुहर लगी बोरियों में सूरजमुखी की फसल लेकर पहुंचा था। जिसमें से बोरिया उतारकर मंडी में ही उन्हें खाली किया जा रहा था। और इस बात को लेकर जब मार्किट कमेटी के सेक्रेटरी से सवाल किया गया था तो उन्होंने इस ट्रक को हैफेड का बताया था,लेकिन आज मामला तूल उस समय पकड़ गया जब हैफेड के डीएम ने ट्रक हैफेड का होने की बात से साफ़ इंकार कर दिया। अंबाला शहर की अनाज मंडी एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं। इस बार यहाँ सूरजमुखी की खरीद की आड़ में सरकार को मोटा चूना लगाया जा रहा है। इस बात का खुलासा रविवार को उस समय हुआ जब बिना किसी गेट पास के अंबाला शहर की अनाज मंडी में एक ट्रक सरकार की मुहर लगी वर्ष 2024-2025 की बोरियों में सूरजमुखी की फसल लेकर पहुंचा था। जिसमें से बोरिया उतारकर मंडी में ही उन्हें खाली किया जा रहा था। ऐसे में अधिकारीयों को मामले की जानकारी दी गई तो शुरुआत में तो अधिकारी टालमटोल करते दिखाई दिए,लेकिन मीडिया द्वारा प्रमुखता से मुद्दा उठाया गया तो अंबाला का प्रशासन हरकत में आया और जांच शुरू की गई। जिसमें मार्किट कमेटी के अधिकारी इस ट्रक को शुरुआत में तो हैफेड का बता रहे थे,लेकिन अब इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित कर जाँच शुरू कर दी गई है। जिसके बाद मार्किट कमेटी के अधिकारीयों और आढ़तियों की जान हलक में अटक गई है। जांच के लिए एसडीएम,तहसीलदार,हैफेड के डीएम,मार्किट कमेटी के सेक्रेटरी मंडी में जांच करने पहुंचे। जहाँ उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिसके बाद एसडीएम ने मंडी से काफी रिकॉर्ड तलब कर लिया। एसडीएम ने बताया कि रविवार को मंडी में ट्रक कहाँ से आया,कौन इसे लेकर आया,ट्रक में रखी सूरजमुखी की बोरियां कहाँ से लाइ गई,किस आढ़ती ने इसे मंगवाया,ट्रक की मंडी में आने से पहले कहीं एंट्री क्यों नहीं की गई,पिछले साल की बोरियां आखिर कहाँ से आई,बिना गेट पास ट्रक मंडी में कैसे आया। यह सब जांच के विषय हैं। जाँच की जा रही है। इस गंभीर मामले की जाँच शुरू हुई तो मार्किट कमेटी के सेक्रेटरी और हैफेड के डीएम के बयान एक दूसरे से विपरीत नजर आये। जहाँ मार्किट कमेटी के सेक्रेटरी ट्रक को हैफेड का बता रहे थे वहीं हैफेड की डीएम ने इस बात को सिरे से नकार दिया। डीएम ने बताया कि हैफेड से कोई भी ऐसा ट्रक मंडी में नहीं आया। अगर फसल वापिस मंडी भेजी जाती है तो उसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर भेजी जाती है। सरकार को चूना लगाए जाने के इस पूरे खेल की भनक किसानों को लगी तो देखते ही देखते किसान भी मंडी में एकजुट हो गए और मामले की जांच की मांग की। किसानों ने बताया कि मंडी में किसान अपनी फसल ट्रॉलियों में लाते हैं न कि ट्रक में सरकारी बोरियों में। इसलिए यह बेहद गंभीर विषय है इसकी कड़ी जाँच की जाये।। #newstodayhry @newstodayhry

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