एनवायरमेंट क्लीयरेंस के बिना चल रहे आठ उद्योग संकट में II
एनवायरमेंट क्लीयरेंस के बिना चल रहे आठ उद्योग संकट में II

यमुनानगर-(मनदीप कौर):- सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद पॉल्यूशन विभाग ने जिन आठ उद्योगों को एनवायरमेंट क्लीयरेंस ना होने पर बंद करने की चेतावनी दी थी, उन्होंने अब अदालत का रुख कर लिया है। उधर, CMO डॉ. दिव्या मंगला ने इन उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक बताया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पॉल्यूशन विभाग की सख्ती सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पॉल्यूशन कंट्रोल विभाग ने आठ उद्योगों को 15 दिन का नोटिस भेजते हुए उनसे पर्यावरणीय मंजूरी यानी एनवायरमेंट क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (EC) मांगा था। चेतावनी दी गई थी कि अगर तय समय में जवाब नहीं आया तो उद्योगों को बंद कर दिया जाएगा। सभी उद्योगों ने ली कोर्ट की शरण नोटिस की मियाद पूरी हो चुकी है। जब इस बारे में विभाग से सवाल किया गया तो अधिकारियों ने बताया कि सभी उद्योग अब कोर्ट में चले गए हैं और विभाग को जवाब भी मिल चुके हैं। फिलहाल सभी जवाबों का अध्ययन किया जा रहा है, जिसके बाद अगली कार्रवाई तय की जाएगी। CMO डॉ. दिव्या मंगला की चेतावनी – प्रदूषण से बढ़ रही गंभीर बीमारियां मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या मंगला ने इस मामले पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इन उद्योगों से निकलने वाला प्रदूषण बेहद खतरनाक है, जिससे आंखों में इन्फेक्शन, सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा, त्वचा रोग और नाक की समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने चेताया कि प्रदूषण का लगातार बढ़ना ब्लड कैंसर और डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। डॉ. मंगला ने खास तौर पर उद्योगपतियों से अपील की कि एक इंसान के नाते हमें यह समझना होगा कि हमारा धरती, पर्यावरण और मानवता के प्रति क्या दायित्व है। अगर हम प्रदूषण खत्म नहीं कर सकते, तो कम से कम इसे घटाने के उपाय तो कर ही सकते हैं।। #newstodayhry @newstodayhry



