बारिश ने खोली सिरसा प्रशासन की पोल: सड़कें धंसीं, जनता त्रस्त II
बारिश ने खोली सिरसा प्रशासन की पोल: सड़कें धंसीं, जनता त्रस्त II


सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- सिरसा की बारिश बनी प्रशासनिक लापरवाही का आईना जनता भवन रोड व परशुराम चौक पर गाड़ियां धंसीं, शहर हुआ जलमग्न सिरसा में सोमवार सुबह से हो रही बारिश ने शहर की सड़कों को भले ही जलमग्न किया हो, मगर शहर को डुबोने का असली कारण प्रशासन की लापरवाही और सिस्टम की नाकामी बनकर सामने आया है। जनता भवन रोड, अंबेडकर चौक और परशुराम चौक तक की सड़कें तालाब बन गईं हैं, और उन पर गाड़ियां धंसती जा रही हैं। स्टार्म वाटर प्रोजेक्ट बना लोगों के लिए मुसीबत शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए जिस स्टॉर्म वाटर प्रोजेक्ट की योजना को बड़ी उम्मीदों से शुरू किया गया था, वही आज जनता के लिए सबसे बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। ठेकेदार द्वारा आधे-अधूरे और नियमों के विपरीत तरीके से लाइन बिछाई जा रही है। जहां लाइन बिछाई गई है, वहां की मिट्टी धंस चुकी है। नतीजतन जनता भवन रोड, अंबेडकर चौक, परशुराम चौक, श्याम बगीची समेत कई इलाकों में गाड़ियां और दुपहिया वाहन गड्ढों में समा रहे हैं। न सुरक्षा, न चेतावनी, न निकासी ना तो कार्यस्थल पर किसी प्रकार के सुरक्षा बोर्ड लगाए गए हैं, ना ही लोगों को सचेत किया गया है। ये हालात उस समय बन रहे हैं जब शहर में मानसून की पहली गंभीर बारिश हुई है। ऐसे में भविष्य की तस्वीर और भयावह लग रही है। केवल मुख्य सड़कें ही नहीं, शहर की तमाम बाजारें और कॉलोनियां भी घुटनों तक पानी में डूबी हैं। बेगू रोड, आर्य स्कूल के पास, सूरतगढ़िया बाजार सहित शहर के निचले हिस्से में हर ओर एक ही हालात हैं: पानी ही पानी। दुकानदार और राहगीर दोनों परेशान हैं। कई बार दी शिकायत, पर प्रशासन बेपरवाह शहरवासियों ने स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम में अनियमितताओं, कार्य की धीमी रफ्तार और नालों की सफाई न होने को लेकर कई बार अधिकारियों को ज्ञापन व शिकायतें दीं, मगर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह है कि आज सिरसा शहर प्रशासनिक लापरवाही का शिकार बन गया है। सवालों के घेरे में नगर परिषद और संबंधित विभाग अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रोजेक्ट अधूरा है तो बरसात से पहले सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए? क्या मिट्टी भरने और लेवलिंग की कोई निगरानी नहीं हुई? नगर परिषद और ठेकेदार की भूमिका पर अब सवाल उठने लगे हैं। जनता का प्रशासन से सीधा सवाल है कि आधे-अधूरे प्रोजेक्ट को क्यों छोड़ा गया? गड्ढों और धंसी सड़कों की जिम्मेदारी किसकी? नालों की सफाई बरसात से पहले क्यों नहीं हुई? जनता की जान-माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रशासन को चाहिए कि अब भी चेत जाए और जिम्मेदार विभागों को तत्काल मौके पर भेजकर मरम्मत, सफाई और जलनिकासी की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए। साथ ही अधूरे प्रोजेक्ट्स की जांच कर जवाबदेही तय की जाए, वरना सिरसा शहर हर बारिश में इसी तरह जलजला झेलता रहेगा। शासन-प्रशासन जनता की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता दें, केवल कागज़ों में नहीं, ज़मीन पर भी।। #newstodayhry @newstopdayhry



