यमुनानगर के बीबीपुर गांव के निवासियों व एडवोकेट साहिब सिंह गुर्जर ने यमुनानगर शहर के 3 से 4 बड़े अस्पताल के डॉक्टर व सिविल अस्पताल में कार्यरत डिप्टी सीएमओ अनूप गोयल के खिलाफ II
यमुनानगर के बीबीपुर गांव के निवासियों व एडवोकेट साहिब सिंह गुर्जर ने यमुनानगर शहर के 3 से 4 बड़े अस्पताल के डॉक्टर व सिविल अस्पताल में कार्यरत डिप्टी सीएमओ अनूप गोयल के खिलाफ II

यमुनानगर -(मनदीप कौर):- यमुनानगर के बीबीपुर गांव के निवासियों व एडवोकेट साहिब सिंह गुर्जर ने यमुनानगर शहर के 3 से 4 बड़े अस्पताल के डॉक्टर व सिविल अस्पताल में कार्यरत डिप्टी सीएमओ अनूप गोयल के खिलाफ बीबीपुर निवासी एक महिला के जीवन से खिलवाड़ करने व सिजेरियन ऑपरेशन के समय काफी बड़ी लापरवाही करते हुए महिला के गर्भ में कॉटन/ पट्टी या कहे सर्जिकल स्पंज छोड़ने बारे शिकायत की व मेहता अल्ट्रासाउंड हॉस्पिटल व प्रदीप अल्ट्रासाउंड हॉस्पिटल के शामिल डॉक्टर द्वारा सब कुछ जानते हुए महिला की अल्ट्रासाउंड रिपोर् फर्जी तैयार करने बारे शिकायत की व महिला निवासी बीबीपुर के लिए इंसाफ की गुहार की एडवोकेट साहिब सिंह गुर्जर ने बताया की महिला डिलीवरी केस होने के कारण महिला को एसपी हॉस्पिटल जगाधरी के डॉक्टर सोना गोयल ने 12 मार्च 2025 को दाखिल किया था और महिला एकदम स्वस्थ थी और दिनांक 13 मार्च को सुबह लगभग 9:00 बजे डॉक्टर सोना गोयल के पति अनूप गोयल जोकि सिविल अस्पताल में डिप्टी सीएमओ के पद पर कार्यरत है ने ड्यूटी पर जाने से पहले महिला का ऑपरेशन किया था और डॉ अनूप गोयल डिप्टी सीएमओ ने जल्दी और लापरवाही करते हुए महिला के गर्भ में सर्जिकल स्पंज या कहे कॉटन/पट्टी छोड़ दी थी और 15 मार्च को महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया था इस ऑपरेशन का महिला के परिवार वालों से लगभग ₹60000 रुपए बल दिया था इसके बाद कुछ दिन बाद महिला के पेट में पीड़ा होने के कारण महिला के परिवार वालों ने महिला को बीएम हॉस्पिटल बुढ़िया में चेकअप कराया गया बीएम हॉस्पिटल के डॉक्टर ने महिला के अल्ट्रासाउंड करने बारे कहा महिला के परिवार वालों ने महिला का अल्ट्रासाउंड प्रदीप अल्ट्रासाउंड के डॉक्टर प्रदीप तेहरान से करवाया और अल्ट्रासाउंड के समय प्रदीप तेहरान को पता चल गया कि महिला के गर्भ में कॉटन /पट्टी या कहे सर्जिकल स्पंज छोड़ दिया गया है परंतु डॉ प्रदीप तेहरान ने यह बात महिला के परिवार वालों को नहीं बताई और इस बारे एसपी अस्पताल के डॉक्टर सोना गोयल और अनूप गोयल को बताया और डॉक्टर सोना गोयल और अनूप गोयल से मिली भगत करते हुए महिला के परिवार वालों को एसपी अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन करवाने की सलाह दी और डॉक्टर सोना गोयल और अनूप गोयल के कहने पर अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट को नॉर्मल बताते हुए फर्जी रिपोर्ट तैयार की और कहा कि ऑपरेशन के समय लगे टांके की वजह से पीड़ा होती है और इसमें पस बन गई है इसलिए छोटा सा ऑपरेशन दोबारा से एसपी हॉस्पिटल में करवाने की सलाह दी परंतु महिला के परिवार वाले नार्मल रिपोर्ट को लेकर एसपी अस्पताल में ना जाकर बीएम हॉस्पिटल में चले जाते हैं जहां पर बीएम हॉस्पिटल का डॉक्टर गौरव शर्मा रिपोर्ट नार्मल के आधार पर केवल टांके में पड़ी पस का इलाज करता है और महिला दिनांक 21 मार्च से 18 अप्रैल तक बीएम हॉस्पिटल में दाखिल रहती है बीएम हॉस्पिटल के डॉक्टर को महिला के गर्भ में लापरवाही से छोड़ें गए कॉटन/ पट्टी या कहे सर्जिकल स्पंज के बारे जानकारी नहीं थी और महिला को दिनांक 18 अप्रैल को डिस्चार्ज करने से पहले दिनांक 17 अप्रैल 2025 को दोबारा से अल्ट्रासाउंड करवाया जाता है जो की दूसरी बार यह अल्ट्रासाउंड मेहता अल्ट्रासाउंड के डॉक्टर निखिल मेहता द्वारा किया जाता है और निखिल मेहता को भी अल्ट्रासाउंड के समय महिला के गर्भ में रखें कॉटन /पट्टी या कहे सर्जिकल स्पंज की जानकारी हो जाती है परंतु वह भी एसपी हॉस्पिटल के डॉक्टर सोना गोयल और डॉ अनूप गोयल को सारी बात बता देता है और महिला के परिवार वालों को गुमराह करता है और कहता है कि पेट में गैस बनी हुई है इसलिए छोटा सा ऑपरेशन होना है और यह ऑपरेशन आप एसपी अस्पताल में जाकर करवा लेना मेहता अल्ट्रासाउंड के डॉक्टर निखिल मेहता भी अपने साथी डॉक्टर सोना गोयल व अनूप गोयल को बचाने के लिए महिला के अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट को झूठी और सच्चाई को छुपाते हुए नॉर्मल बना देता है परंतु महिला एसपी अस्पताल में ना जाकर बीएम हॉस्पिटल में चली जाती है अल्ट्रासाउंड की नार्मल रिपोर्ट के आधार पर दिनांक 18 अप्रैल को महिला को बीएम हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया जाता है और कुछ दिन बाद महिला की पीड़ा और ज्यादा बढ़ जाती है और काफी हालत खराब होने के बाद दोबारा बीएम हॉस्पिटल के डॉक्टर को दिखाया जाता है डॉक्टर हालत को देखकर दोबारा महिला को अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन करने के लिए कहता है और उसके बाद महिला के परिवार वाले दोबारा मेहता अल्ट्रासाउंड के डॉक्टर निखिल मेहता से अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन दिनांक 25 मई 2025 को फिर से करवाते हैं परंतु इस बार भी डॉक्टर निखिल गुप्ता पहली बार की तरह अपनी फिर से एसपी अस्पताल में जाने की सलाह देता है और इस बार महिला के परिवार को कहता है कि टांके में पस पढ़ने की वजह से पेट के अंदर गैस की रसौली बन चुकी है इसलिए इसका ऑपरेशन जरूरी हो गया है और महिला के परिवार वालों फिर से एसपी अस्पताल में जाने की सलाह देता है परंतु महिला के परिवार वालों द्वारा एसपी अस्पताल में जाने से मना करने के बाद डॉक्टर निखिल मेहता कहता है कि यदि वह वहां नहीं जाना चाहते तो इस स्थिति में वह शहर के दूसरे अच्छे सर्जरी के डॉक्टर चढ़ा अस्पताल में चल जाए और वहां पर अपना इलाज डॉ कुलदीप चड्ढा से करवा ले इसी बीच डॉक्टर निखिल मेहता डॉक्टर कुलदीप चड्ढा से बात करता है और साथ में डॉक्टर सोना गोयल और डॉक्टर अनूप गोयल से भी बात करता है और यह सभी मिलकर प्रार्थी के गर्भ में छोड़े गए सर्जिकल स्पंज का सबूत मिटाने का षड्यंत्र रचते हैं और धोखाधड़ी और गुमराह करते हुए सबूत मिटाने के लिए फिर से अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन की रिपोर्ट फिर से झूठी तैयार करते हुए नॉर्मल बनता है इसके बाद जब महिला के परिवार वाले काफी डर जाते हैं और वह चड्ढा अस्पताल के डॉक्टर से मिलने दिनांक 25 में 2025 को 10:00 बजे पहुंच जाते हैं डॉ कुलदीप चढ़ा महिला के परिवार वालों को कहते हैं कि महिला के गर्भ में गैस का गोला बन गया है और वह किसी भी समय फट सकता है इसलिए यदि उसकी जान बचानी है तो इस स्थिति में तुरंत इमरजेंसी ऑपरेशन करना पड़ेगा अचानक यह सब बात सुनकर महिला के परिवार वाले काफी डर जाते हैं क्योंकि शंका जाहिर होती है कि पहले डॉक्टर द्वारा नॉर्मल बताया गया था और अचानक ऐसा क्या हुआ कि महिला को इमरजेंसी ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ गई और महिला के परिवार वाले तुरंत महिला को लेकर ओजस हॉस्पिटल पंचकूला में लेकर जाते हैं और वहां जाकर पता चलता है की महिला के गर्भ में लापरवाही से कॉटन/ पट्टी या कहें सर्जिकल स्पंज बड़ी लापरवाही से छोड़ा गया था और डॉक्टर सोना गोयल डॉक्टर अनूप गोयल को बचाने के लिए मेहता अल्ट्रासाउंड व प्रदीप अल्ट्रासाउंड के डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन की रिपोर्ट भी गलत वह फर्जी बनाई गई थी और महिला ओजस अस्पताल में 25 मइ से लेकर 28 मई तक दाखिल रही और वहां पर महिला का ऑपरेशन हुआ और महिला के आंतों को काटना पड़ा और यदि कुछ देर हो जाती तो महिला की जान चली जाती इन सब पर महिला के परिवार वालों का लगभग 10 से 12 लख रुपए खर्च हुआ और ओजस अस्पताल पंचकुला द्वारा महिला के परिवार वालों को बताया गया की यह बहुत बड़ी लापरवाही है और महिला के गर्भ में सर्जिकल स्पंज छोड़ने बारे विस्तृत रिपोर्ट बनाकर दी गई और बताया गया अभी महिला का 3 महीने बाद दोबारा बड़ा आंतों का ऑपरेशन होगा जिसमें लाखों रुपए खर्च होगा और काफी लंबा इलाज चलेगा इसलिए आज सभी ने मिलकर उपायुक्त महोदय से इन सब के बारे में कार्रवाई करने बारे न्याय की गुहार लगाई और मांग की जल्दी कमेटी गठित की जाए और प्रार्थना को इंसाफ दिलाया जाए और इसमें शामिल डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उनके लाइसेंस कैंसिल की जाए क्योंकि यह धोखाधड़ी करने विश्वास को तोड़ने और फर्जी रिपोर्ट बनाने बड़े जालसाजी का मुकदमा बनता है इस अवसर पर एडवोकेट साहब सिंह गुर्जर ने बताया कि महिला के इंसाफ को लेकर संघर्ष किया जाएगा और जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी सभी लोगों से अपील की इस महिला को इंसाफ दिलाने के लिए महिला के परिवार वालों का साथ दे II #newstodayhry @newstodayhry



