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जगाधरी में मनाया गया स्तनपान सप्ताह, माताओं को किया गया जागरूक II

जगाधरी में मनाया गया स्तनपान सप्ताह, माताओं को किया गया जागरूक II

यमुनानगर -(मनदीप कौर):- विश्व स्तनपान सप्ताह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि माँ और शिशु के बीच जीवनदायी संबंध को सशक्त बनाने का संकल्प है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सतत प्रयासों के साथ-साथ पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल टूल्स माताओं को अधिक जागरूक, समर्थ और स्वास्थ्य-साक्षर बना रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग विश्व स्तनपान सप्ताह के प्रति जागरूक कर रहा 1 अगस्त से लेकर 7 अगस्त तक इस पूरे विश्व में मनाया जाता है विभाग की ओर से सभी खण्डों में विभिन्न गतिविधियां करवाई जा रही हैं जिसमे पोस्टर प्रदर्शनी स्लोगन राइटिंग सर्वोत्तम माता प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां शामिल हैं जगाधरी ग्रामीण के आँगनवाड़ी केंद्र अमादलपुर में खंड स्तरीय स्तनपान सप्ताह कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी तरविंदर कौर ने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह को लेकर कार्यक्रम में हेल्दी बेबी,पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, पौष्टिक आहार रेसिपी प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया विजेताओं को परितोषण दिया गया कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण भी किया गया जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि जन्म से लेकर 6 महीने की उम्र तक, शिशुओं को केवल स्तनपान ही करवाना चाहिए।

स्तनपान शिशु के लिए संपूर्ण आहार होता है, और यह उनकी पोषण संबंधी सभी आवश्यक जरूरतों को भी पूरा करता है। साथ ही मां का दूध शिशु के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, स्वस्थ और आसानी से उपलब्ध भी होता है, चाहे वे कहीं भी-किसी भी परिस्थिति में रहते हों। मिक्षा रंगा ने बताया कि नवजात शिशुओं को जीवन के पहले घंटे के भीतर स्तनपान कराना जरूरी होता है जिसे स्तनपान की प्रारंभिक शुरुआत या गोल्डन ऑवर्स भी कहा जाता है। नवजात शिशु के जीवित रहने्, विकास और वृद्धि के लिए स्तनपान कराना आवश्यक है। जन्म के बाद स्तनपान में होने वाली देरी शिशु के जीवन के लिए खतरनाक हो सकती है। नवजात शिशु को जन्म के बाद जितनी देरी से मां का दूध पिलाया जाता है उसके विकास, वृद्धि में उतनी ही देरी होती है। स्तनपान में देरी होने के कारण कई बार तो ऐसे में शिशु के लिए मृत्यु का जोखिम भी बढ़ जाता है। वर्तमान में बच्चों को श्वास रोग होने की संभावना बढ़ जाती है ऐसे में गर्भवती महिलाएं प्रदूषण से बचाव के लिए खुले साफ सुथरे हवादार कमरे स्वछता का ध्यान रखें रोजाना सैर पौष्टिक आहार लेना चाहिए मोके पर सुपरवाइजर बबिता, पंकेश, संतोष, हर्मिक कौर आँगनवाड़ी वर्कर रीनू ,रीना और अनु मौजूद रही।।#newstodayhry @newstodayhry

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