किसान और मजदूरों की मांगों के लिए बीकेई टीम ने 1 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव का आह्वान किया II
किसान और मजदूरों की मांगों के लिए बीकेई टीम ने 1 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव का आह्वान किया II


कुरुक्षेत्र में सीएम आवास घेराव हेतु बीकेई टीम ने चोपटा क्षेत्र के गांवों में किया जनसंपर्क: लखविंदर सिंह
-सिरसा जिले का पैंतालीस क्षेत्र पहले से ही सेम की मार में है भारी बरसात व हिसार घग्गर ड्रेन ने किसानों की बढ़ाई चिंता:
-हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सिरसा जिले से बड़ी संख्या में कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे किसान मजदूर: लखविंदर सिंह औलख
-हरियाणा के किसानों मजदूरों की मांगे मनवाने के लिए 1 सितंबर को कुरुक्षेत्र में उमड़ेगा किसानों व मजदूरों का जनसैलाबरू औलख
सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने जानकारी देते हुए बताया कि बीकेई टीम से गुरपिंदर सिंह काहलों, कुलतार सिंह, सुरेश सोखल, सरबजीत कंबोज ने किसानों व मजदूरों की मांगों को लेकर पैंतालिसा क्षेत्र के गांवों में जाकर एक सितंबर को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए पहुंचने की अपील की। औलख ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हिसार घग्गर ड्रेन का निर्माण चोपटा क्षेत्र में सेम ग्रस्त एरिया के लिए किया गया था, ताकि सेम से निजात मिल सके, लेकिन प्रशासन व नहरी विभाग की नाकामी के चलते बरसात के मौसम में हर साल हजारों एकड़ फसल इसकी चपेट में आकर बर्बाद हो रही है। हम सरकार से अपील करते हैं कि से ग्रस्त इलाके का स्थाई समाधान किया जाए, ताकि इस क्षेत्र की किसानी को बचाया जा सके। शनिवार को गांव तरकांवाली में ग्रामीणों के संबोधित करते हुए औलख ने कहा की 1 सितंबर को किसान सुबह 10 बजे से ताऊ देवीलाल पार्क पिपली रोड कुरुक्षेत्र में एकत्रित होना शुरू हो जाएंगे। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए सीएम आवास पर पहुंचेंगे। औलख ने कहा कि किसानों की मांगों में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के तहत सी2+50 के अनुसार एमएसपी तय करके किसानों की फसलों की खरीद सुनिश्चित की जाए, निम्न क्वालिटी व नकली बीज, खाद, कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाई जाए और खाद के वितरण में पारदर्शिता लाई जाए। खाद में टैगिंग व कालाबाजारी बंद की जाए। नहरों व ड्रेनों की सफाई और सिंचाई सुविधाओं में सुधार किया जाए।
भारी बरसात के कारण पंजाब में हरियाणा के ऊपरी हिस्सों में बाढ़ आई हुई है:-
लेकिन सिरसा व फतेहाबाद की नहरों में पानी की सप्लाई नहीं दी जा रही है। नहरी पानी 3 सप्ताह सप्लाई व एक सप्ताह बंदी का शैड्यूल जारी किया जाए। 15 सितंबर से धान की खरीद शुरू की जाए। परमल धान में नमी के नाम पर काट लगाकर किसानों को न लूट जाए। औलख ने कहा कि सरकार हर रोज किसानों पर नए-नए कानून थोप रही है, जैसे खाद पर पोर्टल की कंडीशन लागू करना, नए ट्यूबवैल कनेक्शन के लिए फव्वारा सिस्टम की अनिवार्यता, खेती के औजारों पर दी जाने वाली सब्सिडी के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पिछली तीन छमाही की फसलों के रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता। जीटी बेल्ट में धान में आए फिजी वायरस से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। ट्यूबवैल कनैक्शन में अनावश्यक प्रक्रियाएं समाप्त की जाए। बिजली बिल-2025 और स्मार्ट मीटर योजना को वापस लिया जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता लाई जाए, किसानों की मर्जी के बिना उनके केसीसी खातों से बीमा प्रीमियम ना काटा जाए। खरीफ -2023 में खराब हुई फसलों का बीमा क्लेम देने की बजाए बैंकों द्वारा कई महीनों बाद बीमा प्रीमियम वापस किया गया, उनके किसानों का बीमा प्रीमियम भरवाकर क्लेम जारी किया जाए। केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका से आने वाली कपास पर आयत शुल्क हटाकर किसानों को बर्बाद करने का काम किया है। इस मौके पर इस मौके पर नरेंद्र कुमार, सुशील बैनीवाल, मांगेराम, सतबीर, प्रकाश, राजेंद्र कुमार, मोहन लाल, सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र, रामस्वरूप, लीलू राम, सुभाष, प्रेमकुमार, पवन कुमार, मोहन कुमार, वेद प्रकाश, दलबीर सिंह आदि किसान मौजूद रहे।। #newstodayhry @newstodayhry



