वकीलों पर हमलों के खिलाफ नारनौल में उग्र प्रदर्शन, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप II
वकीलों पर हमलों के खिलाफ नारनौल में उग्र प्रदर्शन, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप II


महेन्दर गढ़-(राधेश्याम दिल्लीवान):- पिछले लंबे समय से नारनौल के वकीलों के साथ हो रही अनेक घटनाएं और उसके बाद पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने को लेकर आज वकीलों का गुस्सा फूटा और उन्होंने नारनौल के लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर इसका विरोध जताया। साथ ही इन घटनाओं को लेकर नारनौल के जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार को एक मांग पत्र भी दिया। पिछले लंबे समय से वकीलों के साथ हो रही घटनाओं को लेकर पुलिस की खामोशी अब वकीलों को बर्दाश्त नहीं है यही कारण है कि बार-बार वकीलों के साथ हो रही घटनाएं और उस पर पुलिस की कोई कार्यवाही नहीं होने के चलते आज वकीलों ने नारनौल के लघु सचिवालय में जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ एक मांग पत्र जिला उपायुक्त को सौंपा। इस पूरे घटनाक्रम में जानकारी देते हुए
नारनौल बार के प्रधान ने बताया कि:-
नारनौल में बीते छह माह में वकीलों के साथ तीन मुख्य घटनाएं हो चुकी हैं। जिनमें पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे वकीलों में पुलिस प्रशासन के प्रति रोष बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इनमें पहला मामला सीनियर वकील व पूर्व सैनिक शादीराम के साथ हुआ था। बीते 24 अप्रैल को उनकी स्कूटी के सामने बाइक सवारों ने बाइक लगाकर उनके साथ लूटपाट व मारपीट की गई थी। इस मामले में वकील पांच से छह बार एसपी से मुलाकात कर चुके हैं। वहीं जिला कोर्टों का वर्क सस्पेंड भी रख चुके। धरना प्रदर्शन भी कर चुके, मगर इसके बावजूद सीआईए नारनौल द्वारा अभी तक न तो आरोपियों का पता लगाया गया है न ही उनकी कोई गिरफ्तारी के प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि:-
दूसरी घटना बीते नौ सितंबर को एसडीएम कोर्ट में वकील दिनेश यादव के साथ हुई। जब वे किसी केस में एसडीएम कोर्ट में गए थे तो एसडीएम न होने पर उन्होंने वहां रीडर से एसडीएम की जानकारी ली तो पीछे से किसी ने कहा कि क्यों बकवास कर रहा है। जिसकाे टोकने पर उसने वकील के साथ मारपीट की। जिसकी शिकायत उन्होंने महावीर चौकी पुलिस को दी थी, मगर इसके बावजूद आज तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। तीसरी घटना नारनौल कोर्ट मोड पर पीएनबी बैंक के सामने हुई। जिसमें प्रवीण खंडेलवाल के साथ हादसा हो गई। इस हादसे के बाद अभी तक पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके चलते वकीलों में रोष बना हुआ है। यह पुलिस कार्रवाई वकीलों के खिलाफ हुई, जिन्होंने वकीलों के खिलाफ सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना की है। प्रधान संतोख सिंह का कहना है कि जिला की सभी कोर्ट में वर्क सस्पेंड करेंगे। इसके बाद वकील रेवन्यू कोर्ट में जाना बंद कर देंगे। वहीं पुलिस के साथ भी असहयोग करेंगे तथा उनके साथ अदालतों में जाना बंद करेंगे।। #newstodayhry @newstodayhry



