अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड-2025 में सिरसा की पूर्वी बगडिय़ा ने जीता स्वर्ण पदक II
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड-2025 में सिरसा की पूर्वी बगडिय़ा ने जीता स्वर्ण पदक II


सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- बेटियां अब बोझ नहीं हैं, वो अपनी मेहनत व लगन से न केवल अपना, बल्कि अपने अभिभावकों का भी नाम चमका रही है। देश में एक नहीं, ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं, जब बेटियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी काबिलियत से इतिहास रचा है। ये कहना है सिरसा की बेटी पूर्वी बगडिय़ा का, जिन्होंने नीति आयोग, भारत सरकार हिन्दी विकास संस्थान, दिल्ली द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड-2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के साथ-साथ हिंदी बालश्रेष्ठ सम्मान प्राप्त करके न केवल अपने अभिभावकों, बल्कि प्रदेशभर में सिरसा का मान बढ़ाया है। भारत सरकार द्वारा स्वर्ण पदक विजेता पूर्वी बगडिय़ा अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड-2025 को जनवरी माह में दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। पूर्वी बगडिय़ा के पिता दिनेश बगडिय़ा ने बताया कि उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी 10वीं कक्षा की पढ़ाई कर चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रही है, वह भी जीडी गोयंका स्कूल की टॉपर थी। जबकि छोटी बेटी पूर्वी अभी जीडी गोयंका स्कूल में 9वीं कक्षा में अध्ययनरत है। उन्होंने बताया कि पूर्वी बगडिय़ा इससे पूर्व आईआईएमयूएन-2024-25 की भी विजेता रही है, बाल भवन में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में भी उसने जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। बड़ी बात ये है कि वो बिना ट्यूशन के अपनी पढ़ाई व अन्य तैयारियां कर रही है। दोनों बेटियों का उन्होंने बेटों की तरह ही लालन-पोषण किया है और जिस भी क्षेत्र में वे जाना चाहती हैं, उनका पूरा सहयोग किया है, ताकि वे दोनों अपना भविष्य स्वर्णिम बना सकें। अपनी सफलता बारे पूर्वी बगडिय़ा ने कहा कि अभिभावकों को उसे पूरा सहयोग रहा है, जिस कारण वह सफलता की सीढिय़ां लगातार चढ़ रही हंै। उन्होंने बताया कि वह सोशल मीडिया से कोसों दूर है और अपना अधिकतर समय पढ़ाई व अन्य कंपीटिशन की तैयारियों में व्यतीत करती है। पूर्वी बगडिय़ा ने युवाओं से आह्वान किया कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं है।। #newstodayhry @newstodayhry



