जगन्नाथ रथयात्रा आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक : स्वामी रमेश साहुवाला ll
जगन्नाथ रथयात्रा आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक : स्वामी रमेश साहुवाला ll

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- जगननाथ यात्रा केवल पूजा नहीं हैं बल्कि यह एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक आन्दोलन भी हैं जों हमें यह सिखाती हैं कि भगवान किसी उंची दीवारों में कैद नहीं हैं तथा वे जनता के बीच भी आकर मिलते हैं। ये शब्द लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने भगवान जगननाथ यात्रा के उपलक्ष्य में स्थानीय कंगनपूर रोड़ पर श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा आस्था, भक्ति और एकता का प्रतीक हैं तथा यह हमे याद दिलाती हैं कि सच्ची भक्ति में कोई बंधलन नहीं होता। #newstodayhry @newstodayhry श्री साहुवाला ने कहा कि रथ खिंचते समय अमीर-गरीब, छोटे-बडे़ का भेद-भव मिट जाता हैं और यहीं भारत की वासुदेव कुटुम्बकम की भावना हैं। उन्होंने कहा कि जब लाखों हाथ एक साथ रथ की डोर खींचते हैं तो लगता जैसे पूरा देश एक साथ भगवान को अपने साथ ले जा रहा हैं। जय जगननाथ का उद्घोष आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में भक्ति की लहर पैदा करता हैं। #newstodayhry @newstodayhry श्री साहुवाला ने कहा कि भारत विविधताओं का देश हैं और यहाँ पर हर त्यौहार के पीछे कोई-न-कोई गहरी आस्था छिपी हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत में सबसे विशाल धार्मिक आयोजन हैं जिसमें दस लाख श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होने के लिए जगन्नाथपुरी पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से रथ की रस्सी को खींचता हैं उसे तनाव से मुक्ति, मन को शांति तथा धन-सम्पदा और वैभव मिलता हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार की रथयात्रा में दो श्रद्धालुओं के मारे जाने पर तथा 300 के घायल होने पर मन बहुत दुःखी हैं तथा उनकी मृत्यु पर भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना की गई कि उन्हें अपने चरणों में स्थान दे और उनके परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने भारत सरकार एवं राज्य सरकार से निवेदन किया हैं कि इस प्रकार के महाउत्सव के लिए पूरे इंतजाम करने चाहिए और जो दो श्रद्धालु मृत्यु को प्राप्त हुए हैं उनके परिवारों को 25-25 लाख रूप्ये की राशि प्रदान करनी चाहिए। इस दुःख की घड़ी में खुशी, कोमल, संध्यां, आरती, पूजा, गुंजन, प्रवीन, नीलम, सुनिता, रेखा एवं अन्य उपस्थित थे।



