भिवानी में एक व्यक्ति ने अपने बेटा और बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी।।
भिवानी में एक व्यक्ति ने अपने बेटा और बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी।।

भिवानी-(अभिषेक ठाकुर):- हरियाणा के भिवानी में एक व्यक्ति ने अपने बेटा और बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतकों की पहचान धनाना गांव के रहने वाले बसंत (17) और आरुषि (16) के रूप में हुई है। दोनों 12वीं कक्षा में पढ़ते थे। पिता सुभाष ने दोनों बच्चों को मैंगो शेक में नींद की गोलियां मिलाकर दीं। सोने के बाद दोनों का गला घोंट दिया। सुभाष की पत्नी की एक 1 महीने पहले जहरीला पदार्थ निगलने से मौत हुई थी। अस्पताल में भर्ती सुभाष ने बताया कि मैंने अपने मां-बाप से तंग आकर यह सब किया है। ये लोग बहन को मायके में बैठाना चाहते थे। ससुराल में उसका समाधान नहीं करा रहे थे। अस्पताल में मौजूद सुभाष ने बताया कि उसकी पत्नी की मई की शुरुआत में मौत हो गई थी। उसने आरोप लगाया कि इसमें उसके माता-पिता का हाथ था। उसने पुलिस से भी कहा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उसने कहा कि वह पत्नी की मौत से दुखी था। सुभाष ने बताया कि पत्नी के मौत के बाद से ही वह सुसाइड की प्लानिंग कर रहा था। उसने कहा- पहले खुद के सुसाइड के बारे में प्लानिंग बनाई। फिर सोचा कि मेरे जाने के बाद दोनों बच्चों को क्या होगा? इसके बाद मैंने बच्चों के साथ सुसाइड करने का प्लान बनाया। मुझे पता था कि बच्चे इसके लिए तैयार नहीं होंगे, इसलिए मैंने पहले दोनों बच्चों को जहर देकर मारने और फिर खुद मरने की योजना बनाई थी। सुभाष का कहना है कि वह एक माह से नींद की गोलियां इकट्ठी कर रहा था। उसने बताया- कभी इस दुकान से ले आता और कभी उस दुकान से गोलियां लाता। इस तरह उसके पास बहुत सारी नींद की गोलियां इकट्ठी हो गईं। इसके बाद से मैं मौके की तलाश में था। मुझे ऐसा दिन चुनना था कि माता-पिता घर पर न हों। केवल बच्चे ही हों। वह मौका मुझे आज मिल गया। आरोपी ने आगे बताया कि उसकी पत्नी की मौत 8 मई को हुई थी। इसलिए उसने सुसाइड करने का दिन 8 जून ही चुना। उसने कहा- इसका एक कारण और था कि मां मामा के यहां चली गई थी। जबकि, पिता को बहन अपने साथ ले गई थी। घर में मैं और बच्चे ही थे। मैंने बच्चों को आम का जूस बनाकर दिया, जिसमें नींद की गोलियां मिला दीं। सुभाष ने बताय जूस पीने के कुछ देर बाद ही दोनों बच्चे बेहोश हो गए। इसके बाद मैंने दोनों बच्चों को गला घोंटकर मार दिया। दोनों की मौत की पुष्टि करने के लिए मैंने उनकी नब्ज और सांसें भी चेक कीं। जब वे मर गए तो मैंने दोनों बच्चों को बांध दिया। इसके बाद मैंने भी जहर की 2 गोलियां खा लीं। सुभाष का कहना है कि जहर की गोली खाने के बाद वह यह सुनिश्चित करना चाहता था कि उसकी खुद की जान भी न बचे। इसलिए उसने छत पर फंदा लगाना शुरू किया। इससे पहले दरवाजे की 2 कुंडियों में से एक खोल दी, ताकि बाद में किसी को दरवाजा तोड़ना न पड़े। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो भी बनाने लगा था। आरोपी ने बताया कि जब वह छत के पंखे पर फंदा टांग रहा था, इसी दौरान उसे पड़ोस की भाभी ने देख लिया। इसके बाद भाभी ने शोर मचाते हुए आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया। फिर लोग दरवाजा खोलकर अंदर आ गए। वहां बिस्तर पर हाथ-पांव बंधे दोनों बच्चों की लाशें देखकर वे चिल्लाने लगे। सुभाष का कहना है कि लोगों ने उसे फंदा लगाने से रोक लिया। उसने कहा मैंने जहर की 2 गोलियां खा रखी हैं। इस पर लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और मुझे जिला अस्पताल ले आए। इससे मेरी जान बच गई। आरोपी बोला मां ने बीवी को तंग कर मार डाला आरोपी ने कहा है कि उसने इस वारदात को अंजाम इसलिए दिया, क्योंकि वह अपना मां से परेशान था। उसने बताया- मेरी मां मुझे तंग करती थी। मां ने ही मेरी पत्नी को तंग कर मार दिया था। लोगों के लिए वह अच्छी थी, लेकिन मेरी बीवी और बच्चों के लिए वह बुरी थी। सुभाष ने कहा- मैं खेत में गया हुआ था, तब देखा कि मां ने मेरी बीवी को स्प्रे पिलाया और भागकर मामा के घर चली गई। जबकि, पिता वहीं मृत पड़ी मेरी बीवी के बगल में बैठे हुए थे। मैं मामा के घर गया तो वहां पहले से ही लोग जमा थे, जिन्होंने मुझ पर हमला कर दिया। फिर मैं वहां से चला गया। इसे लेकर मेरे अंदर गुस्सा था। इधर, सदर थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। घटनास्थल से सैंपलिंग की गई। सदर थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र ने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।। @newstodayhry @newstodayhry



