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वनवासी कल्याण आश्रम हरियाणा की रेवाड़ी इकाई की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन।।

वनवासी कल्याण आश्रम हरियाणा की रेवाड़ी इकाई की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन।।

रेवाड़ी-(भानु शर्मा):- वनवासी कल्याण आश्रम हरियाणा की रेवाड़ी इकाई की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन। स्थानीय जाट धर्मशाला में पूर्वोत्तर भारत के छात्रों के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत की सांस्कृतिक एकता का भावपूर्ण उत्सव मनाते हुए वनवासी कल्याण आश्रम हरियाणा की रेवाड़ी इकाई की ओर से सोमवार शाम को रेवाड़ी के हुड्डा बाईपास स्थित जाट धर्मशाला में स्वागत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हरियाणा के शैक्षणिक भ्रमण पर आए पूर्वोत्तर भारत के छात्रों के सम्मान में किया गया। कार्यक्रम में गुरुग्राम मंडल कमिश्नर आरसी विधान ने बतौर मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की। वहीं राज इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थी और शिक्षक गण स्वागत की भूमिका में रहे। जबकि मंच संचालन संजय की ओर से किया गया। आपको बता दें कि वनवासी कल्याण आश्रम की ओर से रविवार को गुरुग्राम में सोमवार शाम को रेवाड़ी में तथा आज मंगलवार शाम को बावल में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वनवासी कल्याण आश्रम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आए हुए मुख्य अतिथि एवं वक्ता ग़णों ने अपने अपने विचार और अनुभव साझा करते हुए संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना और इन युवाओं को हरियाणा की परंपराओं, संस्कृति और विकास की झलक प्रदान करना है। उन्होंने अपने प्रेरक वक्तव्य में ग्रामीण समाज के सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। हरियाणा के विभिन्न जिलों के भ्रमण पर निकले 30 पूर्वोत्तर युवा वर्तमान में भिवानी स्थित वनवासी कल्याण आश्रम के छात्रावास में निवास कर रहे हैं। ये छात्र स्थानीय परिवारों के साथ रहकर पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दे रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में अपने वक्तव्य में वनवासी कल्याण आश्रम से अपनी वर्षों पुरानी सामाजिक सहभागिता को साझा किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की मुख्य विशेषता थी रंगारंग लोक नृत्य प्रस्तुतियों में भंगड़ा, हरियाणवी लोक नृत्य, योग नृत्य, त्रिपुरा का देववर्मा नृत्य और अरुणाचल प्रदेश का न्यीशी जनजातीय नृत्य। इन प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाया और पूर्वोत्तर के छात्रों को अपनी विरासत प्रदर्शित करने का मंच प्रदान किया। वनवासी कल्याण आश्रम हरियाणा के पालक महेंद्र नरेश ने संगठन की जमीनी कार्यों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि 1952 में स्थापित आश्रम ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आर्थिक सशक्तिकरण और खेल जैसे क्षेत्रों में 22000 से अधिक सेवा परियोजनाओं के माध्यम से 20 लाख से अधिक वनवासी नागरिकों को लाभांवित किया है। विशेष सम्मान हाल ही में 28 अप्रैल को पद्मश्री से सम्मानित वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चेत्रम पवार को भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कमिश्नर आरसी विधान ने वनवासी कल्याण आश्रम के प्रयासों की सराहना की तथा इस तरह के आयोजनों से सभी को प्रेरणा मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भी आदिवासी जनजाति के लोगों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही है।। #newstodayhry @newstodayhry

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