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देवशयनी एकादशी: आत्मअनुशासन और भक्ति का पर्व II

देवशयनी एकादशी: आत्मअनुशासन और भक्ति का पर्व II

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- देवशयनी एकादशी का पर्व हमें धर्म, संयम और तपस्या के महत्त्व का स्मरण कराता हैं और यह हमें सिखाता हैं कि जीवन में आध्यात्मिक उन्नति के लिए आत्म-अनुशासन और भक्ति कितनी आवश्यक हैं तथा यह दिन हमें प्रकृति और परमात्मा के साथ जोड़ने का अवसर प्रदान करता हैं। ये शब्द लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने स्थानीय प्रीत नगर में ब्यूटी पार्लर सैन्टर पर गत दिवस महिलाओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि चातुर्मास की अवधि में साधु-संत एक स्थान पर रहकर तपस्या, स्वाध्याय और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं और इस दौरान शरीर और मन को शुद्ध रखने पर विशेष जोर दिया जाता हैं। लोग तामसिक भोजन का त्याग कर सात्विक आहार ग्रहण करते हैं तथा यह समय आध्यात्मिक उन्नति और आत्मनिरीक्षण के लिए अत्यंत शुभ माना जाता हैं। श्री साहुवाला ने कहा कि भगवान विष्णु इन चार महीनों के लिए पाताल लोक में राजा बलि के यहां निवास करते हैं। इस अवधि में सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं। उन्होंने बताया कि देवश्यनी एकादशी के साथ ही सभी प्रकार के शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार आदि रूक जाते हैं और ये देवउठनी एकादशी पर भगवान विश्णु के जागने के बाद ही पुन: शुरू होते हैं। इससे पूर्व सैन्टर की संचालिका संदीप कौर ने स्वामी रमेश साहुवाला का वहां पहुंचने पर स्वागत किया और उनका धन्यवाद किया और कहा कि हमें चातुर्मास और देवश्यनी एकादशी के महत्त्व के बारे में बताया तथा सभी ने भगवान विश्णु से हाथ जोडक़र प्रार्थना की कि सबके घर में सुख-शान्ति एवं समृद्धि बनी रहें और विश्व में सबमें आपस में भाईचारा बना रहें तथा सभी एक-दूसरे के साथ प्रेम से रहें। इस अवसर पर सिमरन, संदीप कौर, भावना, रजनी, नीलम, पूनम, पायल, निशा, ज्योति एवं अन्य उपस्थित थे।। #newstodayhry @newstodayhry

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