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17 वर्षीय छात्रा पर मनचलों ने बोतल से किया हमला, चार दिन बाद भी आरोपी फरार।।

17 वर्षीय छात्रा पर मनचलों ने बोतल से किया हमला, चार दिन बाद भी आरोपी फरार।।

नूहँ-(निकुंज गर्ग):- हरियाणा सरकार भले ही बेटियों को सुरक्षा और त्वरित न्याय दिलाने की बात कहती हो, लेकिन नूंह जिले के आटा-बारोटा गांव में घटित एक अमानवीय घटना ने इन दावों की पोल खोल कर रख दी है। एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा पर दो युवकों ने शराब की बोतल से हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। लेकिन घटना के चार दिन बाद तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे परिजन व ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। यह घटना 12 जुलाई की शाम करीब 7:45 बजे की है। आटा गांव निवासी 17 वर्षीय दिपाली सिंह, जो डी-फार्मा की छात्रा है, अपने पड़ोसी के दो छोटे बच्चों (उम्र 10 और 5 वर्ष) के साथ स्कूटी पर बारोटा रोड से दूध लेकर लौट रही थी। जैसे ही वह घर से करीब 500 मीटर दूर पहुंची, बाइक पर सवार दो युवकों ने जानबूझकर स्कूटी के आगे बाइक घुमानी शुरू कर दी। जब दिपाली ने उन्हें समझदारी से बाइक चलाने के लिए कहा, तो यह बात युवकों को इतनी नागवार गुज़री कि उन्होंने बाइक रोक कर दिपाली के मुंह पर शराब से भरी बोतल दे मारी। बोतल लगने से दिपाली के तीन दांत टूट गए और वह लहूलुहान होकर बच्चों सहित स्कूटी से गिर पड़ी। आरोपी वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। घायल अवस्था में दिपाली किसी तरह रोते हुए घर पहुंची। बेटी की हालत देखकर परिजनों के होश उड़ गए। तत्काल उसे सोहना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत के चलते उसे नल्हड़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने दिपाली के चेहरे पर 35 टांके लगाए। हमले की गंभीरता इतनी थी कि छात्रा न तो ढंग से बोल पा रही है और न ही खाना या पानी निगल पा रही है। इस घटना ने न सिर्फ उसके शरीर पर बल्कि मानसिक रूप से भी गहरा असर डाला है। हमले की सूचना 112 नंबर पर दी गई, लेकिन रोजकामेव थाना पुलिस की कार्रवाई में गंभीरता नजर नहीं आई। पीड़िता के पिता विनय सिंह ने 13 जुलाई को थाने में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने 14 जुलाई को ब्रजमंडल यात्रा की व्यस्तता का हवाला देकर कार्रवाई टाल दी और 15 जुलाई को आने को कह दिया। जब पीड़ित परिजन 15 जुलाई को फिर थाने पहुंचे, तो ड्यूटी पर मौजूद कर्मी अनिल ने ‘कोर्ट में जाना है, अभी टाइम नहीं है’ कह कर शाम को आने की बात कही। इस दौरान परिजनों को बेटी के साथ कई घंटे थाने में बैठना पड़ा। थक-हारकर जब उन्होंने मीडिया को बुलाने और धरने की चेतावनी दी, तब जाकर पुलिस हरकत में आई और मौके पर जाकर जांच शुरू की। घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि, पीड़िता ने अस्पताल में इलाज के दौरान बताया कि हमले के बाद एक युवक ने कहा “राहुल भाग रे”, और दोनों युवक बाइक पर आटा गांव की ओर भाग निकले। उनकी बाइक पर HR 2672 लिखा हुआ दिखा। चार दिन बाद, 15 जुलाई को आखिरकार पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। अब पुलिस का कहना है कि डीएसपी और सीआई स्तर की टीमें जांच कर रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीड़िता की मां नेहा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर शुरुआत में ही मामला दर्ज हो जाता और कार्रवाई होती, तो शायद आरोपी अब तक गिरफ्तार हो चुके होते। उन्होंने कहा कि एक बेटी के साथ ऐसी घटना और फिर न्याय के लिए थानों के चक्कर काटना, यह सिस्टम की असफलता को दर्शाता है।। #newstodayhry @newstodayhry

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