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निशा और पार्थवी ने एशियन रिंग में दिखाया दम ओलंपिक गोल्ड को बनाया अगला लक्ष्य II

निशा और पार्थवी ने एशियन रिंग में दिखाया दम ओलंपिक गोल्ड को बनाया अगला लक्ष्य II

भिवानी-(अभिषेक ठाकुर):- भिवानी की 2 बॉक्सरों ने अपने पंच के दम पर बैंकॉक में हुई एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मेडल जीते हैं। जिनका उनकी एकेडमी भिवानी बॉक्सिंग क्लब पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। इसके अलावा दूसरे खिलाड़ियों को भी इनसे प्रेरणा लेने के लिए कहा। भिवानी बॉक्सिंग क्लब की बॉक्सर निशा ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप अंडर-19 एंड अंडर-22 में गोल्ड मेडल जीता। वहीं बॉक्सर पार्थवी ग्रेवाल ने ब्रांज मेडल जीता है। गोल्ड मेडल जीतकर लौटी बॉक्सर निशा ने कहा कि बैंकॉक में आयोजित हुई एशियन चैंपियनशिप में 54 किलो भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने कहा कि ये गेम्स 1 अगस्त से 11 अगस्त तक बैंकॉक में आयोजित हुए थे। उसकी फाइनल बाउट चाइना की खिलाड़ी के साथ हुई थी। जिसको निशा ने 4-1 के अंतर से हराया। उन्होंने कहा कि बॉक्सिंग की प्रेरणा उन्हें अपने मौसी अर्जुन अवॉर्ड कविता चहल से मिली है। साथ ही कहा कि आगे ओलिंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना उनका लक्ष्य है। वहीं बॉक्सर पार्थवी ग्रेवाल ने कहा कि बैंकॉक में आयोजित हुई एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उसने 65 किलो भार वर्ग में भाग लिया। वहां पर बेहतर खेल का प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत ब्रांज मेडल जीता है। उन्होंने कहा कि वे आगे 2026 के लिए कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स की तैयारी कर रही हैं। वे पिछले करीब 5 साल से बॉक्सिंग का अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि में देश के लिए एशियन और कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल जीतना उनका लक्ष्य है। कोच जगदीश सिंह ने कहा कि निशा ने बैंकॉक में आयोजित हुई एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। निशा विश्व मुकाबजी अर्जुन अवॉर्ड कविता चहल की भांजी है और कविता और विजेंद्र बॉक्सर को देखकर इसे प्रेरणा मिली है। निशा जूनियर भर वर्ग की विश्व चैंपियन भी है। निशा का अंडर 19 में दूसरा स्वर्ण पदक है। वहीं उन्होंने पार्थवी ग्रेवाल के पिता रेलवे में सर्विस करते हैं। उन्होंने इस चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीता है। दोनों बॉक्सर होनहार है। उन्होंने दोनों मुक्केबाज देश का प्रतिनिधित्व करेंगी और देश का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने कहा कि देश का पहला ओलिंपिक पदक भी भिवानी बॉक्सिंग क्लब ने दिलाया था। विश्व स्तर पर अब तक 24 पदक जीते है। भिवानी बॉक्सिंग क्लब के अध्यक्ष कमल सिंह ने कहा कि भिवानी बॉक्सिंग क्लब 20 साल से चल रहा है और यहां से साढ़े 350 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं। दोनों बॉक्सर बेटियों से मुकाबला करने वाले काफी ख्याती प्राप्त बॉक्सर थी। जिन्हें इन बेटियों ने हराने का काम किया है। आने वाले समय जो ओलिंपिक होगा, उसमें भिवानी के नाम मेडल आएगा। कोच ने विकट परिस्थितियों में खिलाड़ियों को सफल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार बेटी बचाओ व बेटी पढ़ाव का नारा दे रही है। हमने उसमें एक नारा और जोड़ दिया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी खिलाओ। सरकार नशे से दूर रहने के लिए जागरूक कर रही है। अगर युवाओं को खेल से जोड़ दिया जाएगा तो वे नशे से भी दूर रहेंगे। युवाओं को नशे से बचाने के लिए उन्हें खेल से जोड़ें।। #newstodayhry @newstodayhry

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