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भिवानी में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह में 8 राज्यों के 101 गुरुजन हुए सम्मानित II

भिवानी में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह में 8 राज्यों के 101 गुरुजन हुए सम्मानित II

भिवानी-(अभिषेक ठाकुर):- युवा जागृति एवं जनकल्याण मिशन ट्रस्ट भिवानी के बैनर तले एवं महात्मा ज्योतिबा फूले धर्मार्थ ट्रस्ट के सहयोग से रविवार को स्थानीय हनुमान ढ़ाणी स्थित हनुमान जोहड़ी नरसिंह मंदिर में डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह-2025 का आयोजन किया गया। इस दौरान हरियाणा के 80 अध्यापकों के अलावा विभिन्न 8 राज्यो के 21 अध्यापकों सहित कुल 101 गुरुजनों को डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद चौ. धर्मबीर सिंह व हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ पवन कुमार ने कि तथा विशिष्ट अतिथि के तौर पर नेहा धवन प्रदेश प्रवक्ता भाजपा, शिवकुमार तंवर डिप्टी डीईओ, डीएसओ सतेन्द्र सिह, राजेश तलवार, बीके सुमित्रा बहन ने शिरकत की। कार्यक्रम में सानिध्य हनुमान जोहड़ी मंदिर के महंत बालयोगी चरणदास महाराज ने की। इस दौरान शिक्षा की अलख जगाने के साथ-साथ पर्यावरण व जल संरक्षण, नशा मुक्त भारत, स्वच्छता अभियान व अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आयोजन में महात्मा ज्योतिबा फूले धर्मार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश सैनी, पर्यावरण प्रहरी विजय सिंहमार का भी विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए I

सांसद धर्मबीर सिंह व चेयरमैन डॉ पवन कुमार ने कहा कि:-

अध्यापक समाज का शिल्पकार होता है तथा देश निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही उनका मनोबल भी बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के दिमाग को आकार देने के साथ सपनों को संवारते हैं। शिक्षकों की ही देन है कि युवा आगे चलकर अपने जीवन में सफल होते हैं। हर एक इंसान के जीवन में शिक्षकों या गुरुओं का बहुत ही योगदान है, क्योंकि अगर शिक्षक नहीं होते तो आने वाली पीढिय़ों को अच्छा ज्ञान नहीं मिल पाता है। इस मौके पर बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने कहा कि एक शिक्षक वर्तमान पीढ़ी के निर्माण एवं विद्यार्थियों का मार्गदर्शक होता है, जो कि अपने ज्ञान एवं समर्पण के माध्यम से अनगिनत लोगों के जीवन को आकार देने के साथ उनके जीवन में ज्ञान का प्रकाश बिखेर कर उन्हे उज्जवल भविष्य की तरफ अग्रसर करता है। शिक्षकों के बिना मानव जीवन सार्थक ही नहीं हो सकता, इसीलिए गुरू का दर्जा माता-पिता से भी सर्वोच्च बताया गया है। महात्मा ज्योतिबा फूले धर्मार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश सैनी ने कहा कि प्रत्येक इंसान के जीवन में शिक्षक का अहम योगदान है। गुरू ही जिंदगी जीने का सार बताते हैं, सिखाते हैं और ज्ञान देते हैं। उस ज्ञान का कैसे उपयोग करना है, ये हम पर निर्भर करता है।। #newstodayhry @newstodayhry

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