महेन्द्रगढ़ में बारिश बनी किसानों के लिए आफत, फसलें बर्बाद, मुआवज़े की मांग तेज़ II
महेन्द्रगढ़ में बारिश बनी किसानों के लिए आफत, फसलें बर्बाद, मुआवज़े की मांग तेज़ II


महेंदर गढ़-(राधेश्याम दिल्लीवान ):- हरियाणा में कई दिनों से लगातार हो रही बरसात अब आफत बनती जा रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण महेंद्रगढ़ जिले मे किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंच रहा है। जिस कारण खरीफ की फसलें कम होने की संभावना है। ऐसे में बाजरा, ग्वार व कपास महंगे हो सकते हैं। बाजरे की फसल खराब होने से पशुओं के लिए चारे का संकट भी बन सकता है। महेंद्रगढ़ में पिछले कई दिनों से लगातारहो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बारिश के कारण कपास औरबाजरे की फसल अंतिम समय पर बर्बाद हो चुकी है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार कपास की फसल में लगभग 90 प्रतिशत तक नुकसान हो चुका है, वहीं बाजरे की फसल में भी दाने अंकुरित होने लगे हैं। बाजरा जून में बोया जाता है। अब बाजरा कटाई पर आ गया है। बाजरे की जड़ व तना कमजोर होता है।वहीं उसमें लगने वाले सीटें वजन वाली होती हैं। बारिश की वजह से बाजरा सीटों कावजन सहन नहीं कर पाता तथा वह गिरने लगता है। इससे वह खराब हाे जाता है या काला पड़जाता है। जिन्होंने बाजरे की कटाई कर ली उनको भी नुकसान है तथा खड़े बाजरे में भीनुकसान है, क्योंकि वह गिर जाएगा। वहीं कपास की फसल में आने वालेफूल ज्यादा बारिश की वजह से गल जाएंगे। उनकी चुनाई नहीं होने के कारण वे काली पड़जाएंगी। कई फूल गल कर टूट जाएंगे। ऐसे में कपास में भी नुकसान हो रहा है। ग्वारमें ज्यादा बारिश की वजह से कई प्रकार के रोग लग जाते हैं। जिससे ग्वार खत्म होनेलगता है। किसान अब सरकार से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन उनकी नाराजगी इस बात कोलेकर है कि कई जिलों में फसल क्षतिपूर्ति के लिए पोर्टल खोला जा चुका है, जबकि महेंद्रगढ़ को उसमें शामिल नहीं किया गया है। इससे क्षेत्र केकिसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले को भीशीघ्र क्षतिपूर्ति पोर्टल में शामिल कर प्रभावित किसानों को राहत दी जाए।। #newstodayhry @newstodayhry



