50 साल बाद भी नहीं मिला कर्मचारी का दर्जा आंगनवाड़ी वर्करों का सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन II
50 साल बाद भी नहीं मिला कर्मचारी का दर्जा आंगनवाड़ी वर्करों का सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन II


यमुनानगर-(मनदीप कौर):- आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन रजिस्टर 1442 के तहत एक दिवसीय जिला स्तरीय धरने का आयोजन किया गया। धरना राज्य व जिला प्रधान कमलेश देवी के अध्यक्षता में किया गया। जिले भर से सैकड़ो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सेविकाओं ने भाग लिया उन में भारी रोष और सरकार के खिलाफ उनकी नाराजगी साफ दिखाई दे रही थी। मुस्तफाबाद की वीना रानी और राजरानी ने कहा कि आईसीडीएस योजना को शुरू हुए हुए लगभग 50 वर्ष हो गए हैं यह योजना 2 अक्टूबर 1975 में चलाई गई थी। भारत सरकार द्वारा चलाई गई पहली ऐसी योजना होगी जिसको चलते हुए 50 साल हो गए हैं। 50 साल बाद भी सरकार हमें कर्मचारी का दर्जा देने के लिए तैयार नहीं है सरकार की इन गलत नीतियों के कारण ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सेविकाओं ने समाज में कोई भी सम्मान नहीं पाया। की सरकार की द्वारा चलाई गई सभी स्कीमों को लाभार्थियों तक पहुंचाने का कार्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ही कर रही है
हमारे समाज में क्या स्थिति थी और आज के समाज में क्या अंतर है :-
जब आंगनबाड़ी की स्कीम शुरू हुई थी तब हमारे समाज में क्या स्थिति थी और आज के समाज में क्या अंतर है यह तो आपको आंकड़ों से पता चल ही जाएगा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को जो भी कार्य दिया गया उसने पूरी निष्ठा के साथ किया और सरकार की योजनाओं को सफल बनाया परंतु सरकार ने कभी भी उनकी स्थिति को सुधारने के लिए कोई संज्ञान नहीं लिया न हीं कोई आर्थिक सुरक्षा न ही कोई चिकित्सा सहायता। रादौर की प्रधान सर्बजीत कौर ने वर्कों व सेविकाओं की दयनीय दशा का वर्णन करते हुए कहा 14000 रुपए के मानदेय में एक सिंगल मदर किस प्रकार इतनी महंगाई में अपने परिवार का खर्चा चलाती होगी और जो सेविका है उसे तो इससे भी आधे पैसे मिलते हैं वह कैसे अपना गुजारा करती होगी सरकार को इतना तो मानदेय देना चाहिए ताकि वह अपने परिवार की गुजर बसर कर सके। और भी उस पर यह भी मार है कि ना तो आंगनबाड़ी का किराया समय पर आता है न ही राशन बनाने का ईंधन का पैसा समय पर आता है ना ही ऑनलाइन काम करने के लिए सिम दिए गए हैं ना ही सिम नहीं दिए तो नेट का रिचार्ज जो दिया जा रहा है वह भी जितना दिया जा रहा है वह काफी नहीं है जो काम करने के लिए फोन दिए गए हैं वह सरकार की ऐप चलाने के लिए सक्षम नहीं हैं।
अब नहीं सहेंगे अपमान और अनदेखी”
आज की की स्थिति है कि आंगनबाड़ी का किराया आए हुए 8 महीने हो गए हैं आप बताइए की अपना मानदेय जो कि आधा ही आता है जबकि वायदा किया गया था कि केंद्र व राज्य का शेयर एक साथ आपको दिया जाएगा जो आज तक कभी भी एक साथ दिया ही नहीं गया राज्य का ही आता है वह भी समय पर नहीं आता उसमें से भी अगर ₹4000 महीने का आंगनबाड़ी का किराया ही दे देगी तो उसके घर ले जाने के लिए क्या बचेगा। धरने मे रादौर की सरबजीत, स्वर्णकौर, सुनीता, सुषमा, मुस्तफाबाद से वीना रानी, राजरानी, हरविंदर कौर, सरोजबाला, छछरौली से मिथिलेश गुप्ता, विजय शर्मा, रमेश कौर, इकबाल कौर और जगाधरी अर्बन से सुनीता, रीता कत्याल, नीरू गौतम, अंग्रेजों, सुमित, गुलशन और जगाधरी ग्रामीण से ओमवती रेमन इंदिरा अमरजीत बिलासपुर ब्लॉक से सविता इंद्रजीत ममता रानी शशि सढौरा से प्रेम और गुरविंदर कौर के साथ सैकड़ो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों ने हिस्सा लिया II #newstodayhry @newstodayhry



