22 सितंबर से धान की खरीद का आदेश, लेकिन पलवल मंडियों में सरकारी खरीद आज तक नहीं II
22 सितंबर से धान की खरीद का आदेश, लेकिन पलवल मंडियों में सरकारी खरीद आज तक नहीं II


पलवल-(निकुंज गर्ग):- पलवल जिले की मंडियों में नहीं की जा रही है किसान के धान की फसल की सरकारी खरीद। ओने पौने दामों में प्राइवेट एजेंसियों द्वारा किसान की धान की फसल को खरीदा जा रहा है। जबकि सरकारी द्वारा 22 सितंबर से प्रदेश की मंडियों में सरकारी खरीद शुरू करने के आदेश जारी किए गए थे लेकिन होडल की अनाज मंडी में किसानों को गुमराह किया जा रहा है और बोला जा रहा है कि अभी सरकार के आदेश नहीं आए हैं इसकी अभी सरकारी खरीद नहीं की जा रही है। होडल की मंडी में प्राइवेट एजेंसियों द्वारा खरीदी गई धान की फसल को सरकारी खरीद दिखाई जाएगी ।
प्रदेश के मुख्य मंत्री नायब सिंह सेनी द्वारा प्रदेश को सभी मंडियों में 22 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने के आदेश दिए थे:-
लेकिन आज 4 अक्टूबर हो गया है लेकिन अभी तक जिले की किसी भी मंडी में किसान की धान की फसल की सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई है। पलवल जिले की मंडियों में किसान अपनी धान की फसल को लेकर पहुंच चुका है । पलवल जिले में 4 मंडिया है जिसमें होडल की मंडी, हसनपुर की मंडी, हथीन की मंडी और पलवल की मंडी शामिल । जिले की सभी मंडिया हरियाणा की बड़ी मंडियों में सुमार है और जिले की किसी भी मंडी में अभी तक सरकारी खरीद नहीं की गई है। जबकि किसान रोजाना अपनी धान की फसल को लेकर मंडियों में पहुंच रहे है ।
मंडी में चारों तरफ धान की फसल ही नजर आ रही है:-
लेकिन किसानों को उसकी धान की फसल का सरकारी भाव नहीं मिल रहा है। जबकि सरकारी भाव 2389 रुपए ओर बासमती का 32 सौ रुपए तय किया गया है और किसान की धान की फसल प्राइवेट एजेंसियों द्वारा 14 सौ रुपए से लेकर 18 सौ रुपए में ओर बासमती को 24 सौ रुपए से लेकर 26 सौ रुपए में खरीदी जा रही जिससे किसानों की लागत भी नहीं निकल रही है। जिले ही सभी मंडियों में अब तक प्राइवेट एजेंसियों द्वारा 3 लाख 12 हजार 332 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है । होडल की अनाज मंडी में अब तक प्राइवे एजेंसियों द्वारा 94111 क्विंटल की धान की खरीद की जा चुकी है । मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर जिले में 10 हजार 435 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है लेकिन इन किसानों की अभी तक एक भी दाने की सरकारी खरीद नहीं की गई है। किसानों ने कहा कि उन्होंने अपनी धान की फसल का पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन भी कराया हुआ है लेकिन उसके बाद भी उनकी फसल को सरकारी भाव से नहीं खरीदा जा रहा है। प्राइवेट एजेंसियों द्वारा आने पौने दामों में खरीदा जा रहा है क्यों कि मंडी के अधिकारी उनसे बोलते हैं कि अभी सरकारी खरीद करने के लिए सरकार के आदेश नहीं आए हैं। वह इस बात को सुनकर प्राइवेट एजेंसियों को अपनी फसल को मजबूरी में बेचते हैं।। #newstodayhry @newtodayhry



