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वाल्मीकि जी का जीवन संदेश रामायण से विश्व को मिला धर्म और मर्यादा का पाठ II

वाल्मीकि जी का जीवन संदेश रामायण से विश्व को मिला धर्म और मर्यादा का पाठ II

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- महर्षि वाल्मीकि वेदों के ज्ञाता, श्लोक के जन्मदाता, प्रकांड विद्वान, मर्यादा, तपस्या, कर्तव्य, सत्य, धर्म और त्याग के परिचायक पवित्र ग्रंथ “महाकाव्य रामायण” के रचयिता, संस्कृत भाषा के आदि कवि थे तथा वे राम भगवान के भक्त थे और उन्होंने रामायण की रचना करके भगवान राम की कथा को अमर बना दिया। ये शब्द लाॅयन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने स्थानीय कोर्ट काॅलोनी में साधकों को संबोधित करते हुए कहें। उन्होंने कहा भगवान वाल्मीकि को हिंदू धर्म में महान ऋषि के रूप में पूजा जाता हैं और उनकी रामायण की रचना को हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक माना जाता हैं तथा भारतीय संस्कृति और संस्कार को शिखर पर ले जाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं।

श्री साहुवाला ने कहा कि:-

वाल्मीकि की रामायण का अनुवाद कई भाषाओं में किया गया हैं। यह ग्रंथ दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं और इसके अनुवाद से लोगों को भगवान राम की कथा के बारे में जानने का अवसर मिला हैं। उन्होंने कहा भगवान वाल्मीकि ने अपने इस अदभुत ग्रंथ में दशरथ और कौशल्या पुत्र राम जैसे एक ऐसे मर्यादा पुरुषोत्तम की जीवन गाथा लिखी जो उसके बाद के कवियों के लिए प्रेरणा का स्न्नोत बनी तथा उसके बाद अलग-अलग काल में और विभिन्न भाषाओं में रामायण की रचना हुई। उन्होंने कहा युगों-युगों से “रामायण” सपूर्ण विश्व को प्रभु श्री राम के जीवन, धर्मनिष्ठा, त्याग, तप और संघर्ष का दर्शन करा कर सत्य व धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर रहा हैं।

श्री साहुवाला ने कहा कि:-

वाल्मीकि को रामायण कथा सुनाने वाले देवऋषि नारद मुनि थें, जिन्हें ब्रह्ना जी ने वाल्मीकि के पास भेजा था तथा नारद मुनि ने ही वाल्मीकि को राम कथा का संक्षप्ति रूप बताया और उन्हें यह महाकाव्य लिखने के लिए प्रेरित किया, जिससे संस्कृत साहित्य का पहला महाकाव्य वाल्मीकि रामायण की रचना हुई।

श्री साहुवाला ने कहा कि:-

दुनिया में 300 से ज़्यादा विभिन्न प्रकार की रामायणें और राम कथा प्रचलित है जिसमें वाल्मीकि रामायण, कंबन रामायण और तुलसीदास कृत रामचरितमानस सबसे प्रमुख है। भारत के अलावा कई अन्य देशों जैसे इंडोनेशिया, मलेशिया और नेपाल में भी अपनी स्थानीय भाषाओं में रामायणें पाई जाती है। उन्होंने कहा महर्षि वाल्मीकि ने हमें ज्ञान, सत्य, समता, करूणा, न्याय और कर्म ही जीवन का असली आभूषण बताया है तथा हमें उनके आदर्शों पर चलकर जीवन में सच्चाई, समानता और मानवता का संदेश फैलाना चाहिए तथा हमें एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए जहां संस्कृति, समानता और संवेदना का दीप सदा प्रज्वलित रहें। इस अवसर पर विजय गोयल, संदीप कुमार, नीलम, पारुल, रीना,काजल, मुस्कान, जानवी, प्रियंका, पायल आदि उपस्थित थे।। #newstodayhry @newstodayhry

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