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सिरसा में राष्ट्रीय परोपकार दिवस: 121 सिलाई मशीनों का वितरण : रमेश साहुवाला II

सिरसा में राष्ट्रीय परोपकार दिवस: 121 सिलाई मशीनों का वितरण : रमेश साहुवाला II

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- परोपकार से समाज में गहरा और स्थाई बदलाव आता हैं जो शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजिक साहित्य सेवाएं प्रदान करके लोगों के जीवन को प्रभावित करता हैं तथा आर्थिक विकास के ऐसे अवसर प्रदान करता हैं जो आमतौर पर उपलब्ध नहीं होते। ये शब्द लाॅयन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने स्थानीय चतरगढ़ पट्टी में राष्ट्रीय परोपकार दिवस के अवसर पर सिलाई मशीने वितरित करतेे हुए कहे। उन्होंने कहा दूसरों की मदद करने से हमें आंतरिक संतुष्टि और आनंद मिलता हैं तथा परोपकार को मानव का सबसे बड़ा धन माना जाता हैं क्योंकि यह दूसरों की भलाई के लिए काम करने की भावना को दर्शाता हैं। उन्होंने कहा बंगलोर से श्री विनाद कुमार अग्रवाल द्वारा अपनी धर्मपत्नी श्रीमति रेखा की याद में सिरसा शहर में जरूरतमंदों महिलाओं को 121 सिलाई मशीने अब तक वितरित की जा चूंकी हैं तथा उनके सहयोग से ही सिरसा में 6 सिलाई सेंटर तथा 2 ब्यूटी पार्लर सेंटर चलाए जा रहे हैं जिनके लिए क्लब के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला, चेयरमैन इंद्रर कुमार गोयल, प्रधान मोहित मैहता, सचिव रिखिल नागपाल ने उनका इस परोपकार कार्य के लिए आभार व्यक्त किया और उन्हें यह आशा कि हैं कि श्री विनोद कुमार अग्रवाल इसी तरह भविष्य में भी जरूरतमंदों की सहायता करते रहेंगे।

श्री साहुवाला ने कहा कि:-

परोपकार का उद्वेश्य दुनिया में लोगों की स्थिति को बेहतर बनाना हैं जिसके माध्यम से हम जरूरतमंदों की सहायता कर सकते हैं तथा किसी व्यक्ति, संस्था समाज के कल्याण के लिए हम अपना समय, प्रतिभा, धन, स्वेच्छा से दे सकते हैं। उन्होंने कहा जब हम दूसरों की मदद करते हैं तो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं तथा हमारा मन तनाव मुक्त व पवित्र बनता हैं और इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ता हैं। उन्होंने कहा जीवन तो हर कोई जी लेता हैं लेकिन धर्म के मार्ग पर नैतिकता का विकास करने वाले तो बिरले ही होते हैं इसलिए आज जीवन में परम आवश्यक हैं कि हम सब परोपकार करने के लिए हर वक्त तैयार रहे तथा दूसरों के प्रति आदर, प्रेम तथा उनके सुख-दुख के साथी बने। उन्होंने कहा परोपकार दिवस दूसरों को धर्मार्थ कार्यों और अन्य लोगों को योगदान देने के महत्व की याद दिलाता हैं तथा इससे मानव कल्याण और सामाजिक खुशहाली में सुधार आता हैं। उन्होंने कहा परोपकार की भावना मानव को इंसान से फरिश्ता बना देती हैं इसलिए हमें लोगों के प्रति दया, प्रेम, अनुराग, करूणा एवं सहानुभूति की भावना रखनी होगी तभी हमारे हृदय में शांति तथा सुख का निवास होगा। उन्होंने कहा परोपकारी मनुष्य मर कर भी अमर हो जाता हैं इसलिए हमें अपने मन में हर वक्त परोपकार करने की भावना रखनी होगी ताकि मानव जीवन परिपूर्ण हो सके और हमें सुख, व शांति मिल सके। इस अवसर पर कुसुम, नीलम रानी, ममता, सोनम, जानवी, जसप्रीत, सोनू धूमड़ा, स्मृति सिन्हा आदि उपस्थित थे।। #newstodayhry @newstodayhry

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