युवाओं को चेतावनी: अवैध डंकी रूट से दूर रहें—एडवोकेट यतींद्र सिंह II
युवाओं को चेतावनी: अवैध डंकी रूट से दूर रहें—एडवोकेट यतींद्र सिंह II


युवा विदेश जाने की अंधी दौड़ में शामिल न हों, अपने कौशल को बढ़ाएं: एडवोकेट यतींद्र सिंह I
सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- भाजपा जिला अध्यक्ष एडवोकेट यतींद्र सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए युवाओं से अपील की है कि वे विदेश जाने के लिए अवैध और जोखिम भरे मार्गों का चयन न करें। उन्होंने कहा कि डंकी रूट जैसे तरीकों से विदेश पहुंचने की कोशिश न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह युवाओं के जीवन, भविष्य और परिवार के लिए अत्यंत हानिकारक साबित होती है। उन्होंने बताया कि अवैध रूप से सीमा पार करने, फर्जी वीजा बनवाने या किसी देश में ओवरस्टे करने की स्थिति में युवा अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों और यहां तक कि इंटरपोल की निगरानी में आ सकते हैं। इस कारण निर्वासन, जुर्माना, जेल और कई देशों में प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध लगने जैसी बड़ी सज़ाएं भुगतनी पड़ सकती हैं। यही नहीं, मानव तस्करी और संगठित अपराध के जाल में फंसकर युवाओं को गंभीर शोषण व मानवाधिकार उल्लंघन का सामना करना पड़ता है। एडवोकेट सिंह ने कहा कि जोखिमपूर्ण यात्रा, गिरफ्तारी का भय और विदेशी जेलों में बिताया गया समय युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर छोड़ जाता है। घर लौटने पर सामाजिक तिरस्कार और भविष्य के अवसरों में बाधाएं अलग से परेशान करती हैं, जिससे पूरा परिवार तनाव व असुरक्षा में जीने को मजबूर हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि बिना दस्तावेज़ वाले प्रवासी कम वेतन, असुरक्षित और शोषण भरे कार्यस्थलों पर काम करने को मजबूर होते हैं। कई उच्च शिक्षित युवा भी वहां मजबूरी में ऐसे काम करते हैं, जिनका उनके कौशल से कोई संबंध नहीं होता, जिसके कारण उनकी प्रतिभा दिशा नहीं पा पाती। इसी क्रम में एडवोकेट यतींद्र सिंह ने युवाओं से आग्रह किया कि वे विदेश जाने की अंधी दौड़ में शामिल होने के बजाय अपने कौशल को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और हरियाणा की भाजपा सरकार युवाओं को कौशल संपन्न बनाने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। कौशल विकास मिशन, स्टार्टअप योजनाओं, अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम और विदेशी रोजगार के लिए सरकारी स्वीकृत माध्यमों से युवाओं को सुरक्षित व सम्मानजनक कार्य अवसर दिए जा रहे हैं। यदि युवा अच्छी स्किल विकसित करेंगे तो उन्हें कभी भी गलत रास्तों का सहारा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अंत में एडवोकेट यतींद्र सिंह ने जोर दिया कि विदेश जाना गलत नहीं है, लेकिन गलत तरीके से जाना जीवन को बर्बादी की ओर धकेल देता है। इसलिए युवाओं को चाहिए कि वे अपने सपनों की उड़ान कानूनी, सुरक्षित और सही मार्गों से भरें। यह न केवल उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है, बल्कि परिवार की खुशहाली और देश की प्रतिष्ठा का भी सवाल है।



