सिरसा में नृत्य प्रतियोगिता: कला से आत्म-सम्मान और परमात्मा की अनुभूति II
सिरसा में नृत्य प्रतियोगिता: कला से आत्म-सम्मान और परमात्मा की अनुभूति II


सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- नृत्य पूरी तरह से रचनात्मक और प्रेरित होने का अवसर प्रदान करता हैं तथा यह रचनात्मक प्रक्रिया में डूबो देता हैं जिससे रचनात्मक होने की हमारी क्षमता में सुधार हो जाता हैं और नृत्य करने वाला यह महसूस करता हैं कि यह शरीर नृत्य कर रहा है और मैं उसको देखने वाला हूॅं तभी साक्षी का जन्म होता हैं और व्यक्ति उसमें लीन हो जाता हैं। ये शब्द लायन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने स्थानीय रानियां चुंगी थेहड़ मौहल्ला पर नृत्य प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथी व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि परमात्मा को प्राप्त करने की एक विधि में से नृत्य भी एक कला हैं जिसके माध्यम से हम परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए हमें प्रतिदिन अपने समय में से कुछ समय निकाल कर नृत्य करना चाहिए। #newstodayhry @newstodayhry
श्री साहुवाला ने कहा कि नृत्य करने से हमारे शरीर में व्यायाम भी हो जाता हैं जिससे हमें उच्च आत्म सम्मान और बेहतर मानसिक स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होता हैं जो हमारे मूड को बेहतर बनाने में सहयोग करता हैं। उन्होंने कहा कि नृत्य में हमें जो आनंद मिलता हैं वह किसी से भी कम नहीं होता हैं जिससे हमें अपने आप को अच्छा महसूस होता हैं। उन्होंने कहा कि नृत्य करना कोई भी सीख सकता हैं क्योंकि यह एक प्राकृतिक प्रतिभा हैं जिससे जूनून पैदा होता हैं और वह अपनी प्रतिभा को निखार कर नृत्य की ऊंचाइयों को छू सकता हैं। उन्होंने कहा कि भौतिकता से दूर नृत्य कला एक शक्तिशाली रूप हैं जो हमें सीधे परमात्मा से बात करना सिखाती हैं जिसमें भावनाओं को जगाने और दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने की क्षमता होती हैं। इस प्रतियोगिता में 16 कन्याओं ने भाग लिया जिसमें प्रथम पुरस्कार हिना को, द्वितीय पुरस्कार निषु को और तृतीय पुरस्कार रचना को मिला। वहीं तीन सांत्वना पुरस्कार आरती, भावना और रीना को मिला। इस मौके पर मुख्य अतिथि स्वामी रमेश साहुवाला ने सभी को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। #newstodayhry @newstodayhry



