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सामाजिक समरसता को लेकर ओढ़ा में एक बैठक का आयोजन किया गया।।

सामाजिक समरसता को लेकर ओढ़ा में एक बैठक का आयोजन किया गया।।

ओढ़ा – (अशोक गर्ग) :- समाज में शांति स्थिरता और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ओढ़ा में आज सामाजिक समरसता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका अर्थ जाति, धर्म, भाषा और वर्ग के भेदों से ऊपर उठकर प्रेम विश्वास और सम्मान के साथ मिल जुलकर रहना है। यह समाज में शांति, स्थिरता और आपसी सहयोग को बढ़ावा देती है जो एक प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण और सभी नागरिकों के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है। इस कार्यक्रम में प्रत्येक समाज के लोगों ने भाग लिया और चिंतन किया कि हमारे समाज में क्या-क्या कमियां आई है जिसकारण हमारा भाईचारा और प्रेम प्यार कम होता जा रहा है। इसमें उपस्थित सभी लोगों की राय ली गई कि इसका कारण क्या है। जिसमें बताया गया कि नशा छोटे परिवार संस्कारों में कमी मोबाइल समाज सेवा धर्म परिवर्तन आदि इसके प्रमुख कारण है। इस बैठक मे सभी के विचार जानने के बाद एडवोकेट भरत कुमार ने कहा कि इन सब बुराईयों को दूर करने की शुरुआत सबको अपने से करनी चाहिए. विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोगों को जोड़कर “हम सब एक हैं” की भावना मजबूत करनी है, जो राष्ट्र की ताकत है। समरस समाज में मिलकर काम करने से देश की सामाजिक और आर्थिक तरक्की सुनिश्चित होती है। समाजसेवी इन्द्रजीत कुमार ने कहा कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सौहार्दपूर्ण व्यवहार से समाज में रहने वाले व्यक्तियों का भावनात्मक और सामाजिक विकास होता है। सामाजिक समरसता या एकता का समाज में बहुत महत्व है। सामाजिक समरसता का मतलब है कि जाति-धर्म, वर्ण-वर्ग, भाषा, संस्कृति, परंपराओं से ऊपर उठकर एक साथ रहना। इस अवसर पर यशपाल कुमार, मनीष कुमार नुहियांवाली, सतपाल पुजारी, रामचन्द्र स्वामी, संजय कुमार, अमर सिंह गोदारा, वलराम वर्मा, महावीर गोदारा, पुजारी महेन्द्र शर्मा सहित अनेक गांववासी उपस्थित रहे।। #Newstodayhry @Newstodayhry

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