सिरसा में बनेगा ‘गो धाम’, प्राकृतिक जीवनशैली की नई पहल ll
सिरसा में बनेगा 'गो धाम', प्राकृतिक जीवनशैली की नई पहल ll

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):-शहरों में बढ़ते प्रदूषण, केमिकल, मिलावटी भोजन और आधुनिक जीवनशैली से पैदा हो रही स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच सिरसा में एक ऐसी पहल सामने आई है, जिसका उद्देश्य लोगों को फिर से प्रकृति के करीब ले जाना है। गोपाल परिवार ट्रस्ट द्वारा आयोजित “एक शाम – स्वस्थ जीवन के नाम” कार्यक्रम में प्राकृतिक, जैविक और आत्मनिर्भर जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए “गो धाम” की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है।
कार्यक्रम का आयोजन ट्रस्ट के कार्यालय, 9 बी एडिशनल मंडी के पीछे, सिरसा में हुआ। कार्यक्रम संचालन करते हुए ट्रस्ट अध्यक्ष राजेश लम्बोरिया ने रियलिटी डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि आज हमारे आसपास हवा, पानी और भोजन तीनों तेजी से प्रदूषित हो रहे हैं। इसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज फिर से प्रकृति की ओर लौटे और स्वस्थ, संतुलित व आत्मनिर्भर जीवनशैली अपनाए। जिसमें सभी ने सहमति प्रकट की और गो जीवन पर आधारित प्राकृतिक जीवन शैली आधारित सोसायटी बनाने का फैसला लिया।
बैठक में बताया गया कि सिरसा से बाहर लगभग 10 एकड़ भूमि पर “गो धाम” विकसित किया जाएगा, जहां करीब 30 परिवार प्राकृतिक वातावरण में रह सकेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं बल्कि ऐसा जीवन मॉडल तैयार करना है जिसमें शुद्ध हवा, स्वच्छ जल, जैविक भोजन और गौ-आधारित जीवनशैली एक साथ विकसित हो। @newstodayhry #newstodayhry
परियोजना के तहत गौशाला स्थापित की जाएगी, जहां देशी गायों का पालन होगा। पूरे परिसर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा ताकि स्वच्छ वातावरण के साथ फलदार पेड़ों का भी लाभ मिल सके। वर्षा जल संचयन की व्यवस्था कर प्राकृतिक जल स्रोतों को संरक्षित किया जाएगा जबकि जैविक खेती के माध्यम से बिना रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों के अनाज, दालें, सब्जियां और मसालों का उत्पादन किया जाएगा। इससे परिवारों की बाजार पर निर्भरता भी कम होगी। आज बढ़ रहे कैंसर और तनाव एकांतवास जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव सुनिश्चित होगा।
आत्मनिर्भर और सात्विक जीवनशैली का मॉडल बनेगा ‘गो धाम’
वक्ताओं ने कहा कि आज अधिकांश लोग प्रदूषित हवा में सांस लेने, आर.ओ. का पानी पीने और रसायनों से युक्त भोजन खाने को मजबूर हैं। ऐसे समय में “गो धाम” केवल एक आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि प्राकृतिक, स्वास्थ्यवर्धक और आत्मनिर्भर जीवनशैली का एक प्रेरणादायक मॉडल होगा, जहां आने वाली पीढ़ियां भी प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीना सीख सकेंगी।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य, प्रकृति और जैविक जीवनशैली पर विचार-विमर्श के साथ विभिन्न खेल गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में सिमरन ने भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बनाया वहीं रुचिता, नीरू, दर्शना और आभा ने खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। अंत में सभी परिवारों ने सामूहिक भोजन कर सामाजिक एकता और पारिवारिक सौहार्द का संदेश दिया।
इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिव एवं भारत विकास परिषद माधव शाखा के अध्यक्ष रितेश लम्बोरिया, सीडीएलयू से मनोज भारत, पीडब्ल्यूडी रतिया के एसडीओ अंचल जैन, जोठड़ के कृषक एवं समाजसेवी लक्ष्मी नारायण अपने परिवार सहित तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। @newstodayhry #newstodayhry




