कुरुक्षेत्र मेरा पानी मेरी विरासत” स्कीम के तहत धान की सीधी बिजाई पर सरकार किसानों को दे रही प्रोत्साहन राशि I I
कुरुक्षेत्र मेरा पानी मेरी विरासत" स्कीम के तहत धान की सीधी बिजाई पर सरकार किसानों को दे रही प्रोत्साहन राशि I I


कुरुक्षेत्र-(संगीत गीत):- कुरुक्षेत्र मेरा पानी मेरी विरासत” स्कीम के तहत धान की सीधी बिजाई पर सरकार किसानों को दे रही प्रोत्साहन राशि, कुरुक्षेत्र में पिछले वर्ष 8000 एकड़ में सीधी बिजाई से लगाई गई धान इस बार 1 लाख 14 हजार में होगी सीधी बिजाई। सरकार द्वारा पानी बचाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहे हैं इसी के चलते सरकार द्वारा “मेरा पानी मेरी विरासत “जैसी योजनाएं भी शुरू की गई है जिससे किसानों को भी फायदा हो रहा है ,कृषि अधिकारी कर्मचंद ने किसानों से जीरे की फसल को लेकर जानकारी साझा करते हुए कहां की किस दो तरीके से जीरी की फसल लगा सकते है या तो सीधी बजाई से या फिर रोपाई से उन्होंने कहा कि जो किसान जीरे की सीधी बिजाई करना चाहता है वह जल्द कर ले अगर सीधी बजाई करनी है या तो सूखे खेत में करें या फिर तरबतर में करें। उन्होंने बताया कि इस बार 1लाख14 हजार एकड़ में किसानों द्वारा सीधी बिजाई की विधि से धान की फसल लगाई गई है। उन्होंने कहा कि किसी किसान को अगर जानकारी लेनी है तो गांव गांव जाकर कृषि विभाग द्वारा सेमिनार लगाए जा रहे है किसान वहां जाकर जानकारी जुटा सकते है। उन्होंने कहा कि जो किसान सीधी बिजाई कर रहे हैं उनको इस बार सरकार द्वारा 4500 रुपए की प्रोत्साहन राशि दे जाएगी वही जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 8000 एकड़ में सीधी बिजाई की गई थी जिसकी प्रोत्साहन राशि किसानों के खाते में डाल दी गई है उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष यह राशि 4000 थी इस बार 500 की वृद्धि की गई है। किसानों द्वारा सीधी बिजाई के लिए समय पर मशीन ने मिलने के बयान पर उन्होंने कहा कि जिला के पास 50 मशीन उपलब्ध है और एक मशीन प्रतिदिन 10 से 12 एकड़ खेत बीज देती है । उन्होंने कहा कि अगर कोई किसान मशीन खरीदना चाहता है तो उसे पर 50% तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सीधी बजाई करने से 20% तक पानी पानी की बचत होती है और सरकार के द्वारा भी सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम शुरू की गई है जिसमें पानी की अधिक से अधिक बचत करने का लक्ष्य रखा गया है अगर पुरानी विधि से धान की बात की जाए तो करीब 22 से 23 पानी फसल को लगाते हैं । वहीं अगर कोई धान की खेती छोड़कर मक्का जैसी या बागबानी की तरफ जाता है तो₹8000 की सहायता राशि सरकार द्वारा दी जा रही है, अगर कोई किसान अपने खेत को खाली रखना चाहता है तब भी यह छूट किस को मिलती है। अगर किसान अपने खेत को खाली रखता है तो किसान के खेत से फंगस जैसी बीमारियां खत्म हो जाएगी और खेत उपजाऊ बनेगा।। #newstodayhry @newstodayhry



