पाप की पहचान और मुक्ति का मार्ग – स्वामी रमेश साहुवाला का संदेश II
पाप की पहचान और मुक्ति का मार्ग – स्वामी रमेश साहुवाला का संदेश II


सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- पाप केवल गलत काम करना ही नहीं होता बल्कि कर्तव्य, नैतिकता और सही आचरण के मार्ग से भटक जाना ही पाप हैं तथा पाप वह कर्म है जो धर्म तथा सत्य के विरुद्ध हो और स्वयं दूसरों व समाज को हानि पहुँचाता हैं। इसलिए हमे हर कार्य सोच-समझकर करना चाहिए। यह शब्द लाॅयन्स क्लब के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने स्थानीय कोर्ट काॅलोनी में साधकों को संबोधित करते हुए कहें। उन्होंने कहा अन्याय, छल, हिंसा, विश्वासघात भी पाप का प्रतीक हैं तथा काम, क्रोध, लोभ, मोह यह सभी मनोविकार पाप के मूल कारण माने गए हैं। श्री साहुवाला ने कहा अपने धर्म का पालन नहीं करना, दूसरों को शारीरिक-मानसिक या आध्यात्मिक हानि पहुँचाना भी एक गंभीर पाप हैं। वहीं झूठ और कपट भी पाप की श्रेणी में आता हैं। उन्होंने कहा कर्तव्य का त्याग करना, सर्वधर्म का पालन न करना तथा गलत कामों का समर्थन करना भी पाप की श्रेणी में आता हैं। श्री साहुवाला ने कहा लालच व अहंकार हमारे विनाश का कारण बनते हैं जबकि विनम्रता और त्याग से पापों से मुक्ति मिल सकती हैं। उन्होंने कहा हमें अपनी गलतियों को स्वीकार करने और दूसरों के प्रति सद्भावना रखने की प्रेरणा से हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। उन्होंने कहा पाप के परिणाम स्वरूप व्यक्गित और सामाजिक विनाश होता हैं तथा पाप का परिणाम केवल हार या जीत नहीं हैं बल्कि यह एक नैतिक और आध्यात्मिक पतन हैं। उन्होंने कहा निष्काम कर्म और धर्म का पालन पाप से बचने का मार्ग हैं तथा सत्य के मार्ग पर चलकर ही पाप से मुक्ति संभव है। इस अवसर पर स्वामी रमेश साहुवाला ने ध्यान साधना समाधि के बारे में भी विस्तृत चर्चा की तथा विजय गोयल, संदीप कुमार, वासु, पवन कुमार, राहुल, अमर साहुवाला, रितुन साहुवाला, नीलम, रीना, पारूल और पायल उपस्थित थें।। #newstodayhry @newstodayhry



