भारत और पाकिस्तान के युद्ध विराम के बाद यह सिंबल सेना के अधिकारी को वह सौंपेंगे।।
भारत और पाकिस्तान के युद्ध विराम के बाद यह सिंबल सेना के अधिकारी को वह सौंपेंगे।।


सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- सिरसा में सूक्ष्म व आकर्षक चीजे बनाने से मशहूर हिसारिया बाजार के सज्जन सोनी ने भारतीय सेना के पराक्रम और शोर्य को अपनी कलाकारी से चांदी पर उकेरा। चांदी का साढ़े तीन ग्राम का ऑपरेशन सिंदूर का सिंबल तैयार किया है। जिसमें मिग से लेकर ऑपरेशन सिंदूर को शामिल किया गया है। भारत और पाकिस्तान के युद्ध विराम के बाद यह सिंबल सेना के अधिकारी को वह सौंपेंगे। स्वर्णकार सज्जन सोनी ने बताया कि कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योंमिका सिंह ने जिस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर के तहत पहलगाम में आंतकवादियों द्वारा मारे गए सैलानियों का बदला लिया है। उससे प्रेरित होकर इसे बनाया है। यह शहीदों के सम्मान और आक्रमण सिंदूर की कामयाबी का प्रतीक है। इसमें सभी सैलानियां को श्रद्धांजलि भी सिंदूर की बिंदियां बनाकर दी गई है। सोनी ने बताया कि इस सिंबल का कुल वजर साढ़े तीन ग्राम है। एक घंटे कड़ी मेहनत से इस तैयार किया है। उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह से चांदी से बनाया गया है। सिंबल की लंबाई सवा इंच है, जबकि चोडाई पौना इंच है। मिग की उंचाई एक इंच रखी गई है।
27 बिंदी लाल रंग से बनाई गई है। सेना के शोर्य से प्रेरित होकर उन्हें सम्मान देने के लिए इसे तैयार यिका है।
सज्जन सोनी ने बताया कि हमारी सेना पूर्ण रूप से सक्षम है। जिस पर उन्होंने आतंकवादियों को जवाब दिया है। उससे साबित होता है कि हमारी सेना किसी से कम नहीं है। सेना के शोर्य और पराक्रम पर शक नहीं किया जा सकता है। सेना के सम्मान स्वरूप ही इसका निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि वह 1987 से आज तक के जितनी भी क्रिकेट के वर्ल्ड कप हुए है। उनका सूक्ष्म रूप बना चुके है। सभी को उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों को दिया था। इसके अलावा कॉमनवेल्थ ,ओलम्पिक , फीफा वर्ल्ड कप आदि भी बनाए है। चौधरी देवीलाल की मोम की मूर्ति का निर्माण भी किया था। ताजमहल और राममंदिर की प्रतिमा बनाई थी।। #newstodayhry @newstodayrhy



