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ज्येष्ठ माह की अमावस्या के चलते हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई तीर्थ स्थलों में आस्था की डुबकी ।।

ज्येष्ठ माह की अमावस्या के चलते हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई तीर्थ स्थलों में आस्था की डुबकी ।।

कुरुक्षेत्र-(संगीत गीत):- ज्येष्ठ माह की अमावस्या के चलते हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई तीर्थ स्थलों में आस्था की डुबकी, महिलाओं ने वट सावित्री का व्रत रख पति की लंबी आयु की कामना। राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित ज्योतिषाचार्य पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने बताया ज्येष्ठ माह की अमावस्या का महत्व धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में ज्येष्ठ माह की अमावस्या के चलते हजारों श्रद्धालुओं ने ब्रह्मसरोवर तट सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर पहुंच कर स्नान व दान पुण्य किया। अल सुबह से ही ब्रह्मसरोवर तट पर श्रदालु हजारों की तादाद में पहुंचना शुरू हो गए थे, जिसके चलते दिनभर ब्रह्मसरोवर तट पर मेले जैसा माहौल बना रहा। ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन सावित्री वट का व्रत रखने की प्राचीन परंपरा भी है, जिसके चलते महिलाओं ने जहां तीर्थ स्थलों में स्नान किया तो वहीं सावित्री वट का व्रत रखकर पति की लंबी आयु की कामना भी की। वहीं ज्येष्ठ माह की अमावस्या को लेकर बस अड्डों और र रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भारी भीड़ रही। ज्येष्ठ माह की अमावस्या को लेकर केडीबी प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से भी कड़े बंदोबस्त किए गए थे। जबकि कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से भंडारों का आयोजन भी किया गया था। राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित ज्योतिषाचार्य पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि ज्येष्ठ माह की अमावस्या को बड़, सावित्री अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं बाना भी निकालती है। उन्होंने बताया कि अमावस्या पर्व के दिन सभी तीर्थ स्थल ब्रह्मसरोवर तीर्थ में समाहित होते है, जिससे अमावस्या के दिन ब्रह्मसरोवर तीर्थ में स्नान करने का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर फलों का दान करना चाहिए। शास्त्रों में 16 प्रकार के दानों का वर्णन है, लेकिन फिर भी अपने सार्मथ्य अनुसार दान करना चाहिए।। #Newstodayhry @Newstodayhry

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