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फरीदाबाद के नामी अस्पताल में होडल के व्यापारी की डाक्टरों की लापरवाही के चलते जान से हाथ धोना पड़ा।।

फरीदाबाद के नामी अस्पताल में होडल के व्यापारी की डाक्टरों की लापरवाही के चलते जान से हाथ धोना पड़ा।।

फरीदाबाद-(शिवम् शर्मा):- फरीदाबाद के नामी अस्पताल में होडल के व्यापारी की डाक्टरों की लापरवाही के चलते जान से हाथ धोना पड़ा । जिसकी जांच अब फरीदाबाद के सिविल सर्जन को सौंपी गई है। दोनों पक्षों को सिविल सर्जन ने अपने कार्यालय बुलाया लेकिन अस्पताल के डाक्टरों की टीम कैमरे के सामने से भागते हुए नजर आए। सिविल सर्जन ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है जांच ने दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे इसी आधार पर कार्यवाही की जाएगी। लाखों रुपए कमीशन के लालच में एक निजी अस्पताल के संचालक ने कोसीकलां यूपी के उद्योगपति व समाजसेवी को फरीदाबाद के एकॉर्ड अस्पताल में रैफर कर दिया जहां अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही के कारण उस उद्योगपति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा । मृतक के छोटे भाई ने मामले की लिखित शिकायत सीएम विंडो व फरीदाबाद जिला अधीक्षक को दी है। पीड़ित की शिकायत पर आला अधिकारियों ने फरीदाबाद जिला चिकित्सा अधिकारी को मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने के आदेश दिए है। होडल-उमराला रोड स्थित श्री बिहारी जी पैक एंड सील प्राइवेट लिमिटेड के मालिक उद्योगपति राघव मित्तल ने सीएम विंडो व फरीदाबाद पुलिस अधीक्षक को दी लिखित शिकायत में कहा कि उसके बड़े भाई 42 वर्षीय मनीष मित्तल को 25 मार्च 2025 कि सुबह सीने में दर्द की शिकायत बनी थी। उसने बताया कि हम अपने भाई को कोसीकला के मंगला अस्पताल में ले गए जहां अस्पताल के डॉक्टर नरेश मंगला ने बगैर कोई जांच करे मेरे भाई को दवाई दे दी। उन दवाइयों से मेरे भाई की तबीयत और बिगड़ गई। मेरे भाई की तबीयत को बिगड़ता देख डॉ नरेश मंगला ने एकॉर्ड अस्पताल में एक विशेष हृदय रोग विशेषज्ञ को जानने का दावा करते हुए मेरे भाई को अपने साथ एकॉर्ड अस्पताल कार्डियोलॉजी निदेशक डॉ सिम्मी मनोचा के पास ले गए। डॉ सिम्मी मनोचा व डॉ नरेश मंगला ने मेरे भाई का उपचार करने के दौरान हमारे परिवार को गुमराह किया और मेरे परिवार वालों को बताया कि इनके हृदय की एक नली बंद हो गई है। राघव ने बताया कि इन डॉक्टरों ने एक स्टंट डालकर हमसे कहा कि वह खतरे से बाहर है और पूरी तरह से स्वस्थ है। राघव ने बताया कि अस्पताल में हमें सूत्रों से पता चला कि वह ऑपरेशन में घटिया स्टंट व तार का प्रयोग करते है जो कि गैर कानूनी है। राघव ने बताया कि उन्होंने 26 मार्च को अस्पताल में मौजूद हमारे परिजनों ने देखा कि अस्पताल के कर्मचारियों में हमारे भाई के प्रति हड़बड़ाहट थी और वह उसकी बार-बार जांच कर रहे है। जब हम परिजनों ने उनसे कुछ पूछा तो वह हमें गुमराह करते रहे की सब कुछ ठीक है। मौके पर हो रही जांच के दौरान हृदय रोग संबंधित कोई विशेषज्ञ भी नहीं था। राघव ने बताया कि जब हमें उनपर कोई संदेह हुआ तो हमने अपनी परिचित ह्रदय रोग विशेषज्ञ को अस्पताल में बुला लिया। जब हमारे परिचित डॉ ने मेरे भाई मनीष मित्तल की जांच की तो उन्होंने बताया कि मनीष में जान नहीं है यह डॉक्टर रुपए बनाने के चक्कर में तुम्हें गुमराह कर रहे है। राघव मित्तल ने इस मामले की शिकायत सीएम विंडो व फरीदाबाद जिला अधीक्षक को दो। राघव की शिकायत पर फरीदाबाद सिविल सर्जन को मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने के आदेश दिया है। फरीदाबाद सिविल सर्जन ने 5 जून को अपने कार्यालय में अकॉर्ड अस्पताल के डाक्टरों व पीड़ित पक्ष के लोगों को बुलाकर सुनवाई की। मीडिया कर्मियों को देख भागे अकॉर्ड अस्पताल के डॉक्टर-फरीदाबाद सिविल सर्जन के कार्यालय में जब अकॉर्ड अस्पताल के डॉक्टर व पीड़ित पक्ष के बीच सुनवाई हो रही थी तो वहां सूचना मिलते ही मीडिया कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। सुनवाई के बाद जैसे ही अकॉर्ड अस्पताल के डॉ ऋषि गुप्ता व डॉ सिम्मी मनोचा सिविल सर्जन के कार्यालय से बाहर निकले वैसे ही बाहर खड़े मीडिया कर्मियों को देख सहम गए और अपने कदमों की स्पीड बढ़ाकर गाड़ी की ओर भागने लगे। मीडिया कर्मियों ने उन्हें काफी रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मीडिया कर्मियों की एक ना सुनी और गाड़ी में बैठकर निकल गए। मीडिया कर्मियों से रूबरू न होना अकॉर्ड अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही साफ दर्शा रही थी। क्या कहते है सिविल सर्जन- इस मामले में सिविल सर्जन जयंत आहूजा से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि अकॉर्ड अस्पताल के डाक्टरों व पीड़ित पक्ष दोनों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। दोनों पक्षों की सुनने के बाद उन्हें अगली तारीख दे दी गई है। उन्होंने बताया कि मामले की पूरी जांच करने के बाद ही कुछ फैसला सुनाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। पीड़ित पक्ष कर रहा दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग- अकॉर्ड अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई उद्योगपति मनीष मित्तल की मौत को लेकर मृतक के परिजनों ने फरीदाबाद पुलिस उपायुक्त को लिखित शिकायत देकर आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ हत्या, जालसाजी व धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मनीष मित्तल के इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए जिससे कि इन लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के कारण कोई ओर अपनी जान ना गवा सके।। #newstoedayhry @newstodayhry

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