रमेश साहुवाला ने स्थानीय मारुति मंदिर में कबीर प्रकटोत्सव के अवसर पर महिलाओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।।
रमेश साहुवाला ने स्थानीय मारुति मंदिर में कबीर प्रकटोत्सव के अवसर पर महिलाओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।।

सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- कबीर साहब एक महान् संत, संसारी, समाज सुधारक और एक रचनात्मक एवं सजग कवि थे तथा सारा समय परमात्मा की छत्र-छाया में रहने की अपेक्षा करते थे और कबीर में सत्य कहने का अपार धैर्य था और उसका परिणाम सहन करने की हिम्मत भी थी। ये शब्द लायन्स क्लब सिरसा अमर से संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने स्थानीय मारुति मंदिर में कबीर प्रकटोत्सव के अवसर पर महिलाओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संत कबीर अंधविश्वास, ढोंग, पाखंड, व्यक्ति पूजा और समाज में फैले आडम्बरों के सख्त विरोधी थे और वे भक्त और कवि से पहले सही मायने में समाज-सुधारक थे और उन्हें भक्तिकाल में निर्गुण भक्तों ने सर्वोच्च स्थान दिया था। श्री साहुवाला ने कहा कि कबीर साहब का अंतिम लक्ष्य एक परम ईश्वर को प्राप्त करना था जो बिना किसी गुण के निराकार हो, समय और स्थान से परे हो, जो कार्य सम्बन्ध से भी परे हो, ऐसे राम की वो भक्ति करते थे। उन्होंने कहा कि कबीर का आध्यमिकता से गहरा सम्बन्ध था तथा उनकी कविताओं के माध्यम से उनके द्वारा प्रसारित दर्शन के अंत: दृश्टि प्राप्त कर सकते थे। संत कबीर ने जाति ही नहीं मूर्ति पूजा के विरोध में भी बात की हैं तथा हिन्दू-मुसलमानों दोनो के उन संस्कारों, रीति रिवाजों और प्रथाओं की आलोचना की जो उनकी दृश्टि में व्यर्थ थे तथा उन्होंने उपदेश दिया कि सम्पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास से ही ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता हैं।उन्होने कहा कि संत कबीर एक साधारण व्यक्ति थे जिन्होंने उनकी कविताओं के लिए जाना जाता हैं तथा उनकी कविताओं का सदियों से मौजूद रहना उनकी कविताओं की महानता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि अनुयायी का सबसे बड़ा समूह कबीर पंथ के लोग हैं जो उन्हें मोक्ष और मार्गदर्शन करने वाला गुरू मानते थे। इससे पूर्व सैन्टर की संचालिका रजनी एवं दीपा ने मुख्यातिथि स्वामी रमेश साहुवाला का स्वागत किया और उन द्वारा संत कबीर जी के बारे में दी गई जानकारी के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर दीपा ने संत कबीर के दोहे सुनाए और उपस्थित महिलाओं को उनका अर्थ बताया जिसके लिए मुख्यातिथि स्वामी रमेश साहुवाला ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर ललिता, डिम्पल, शीतल, उशा, मंजू, चांदनी, रजनी, सोनम रानी, सुनीता सोनी, रचना, रूबी, कशिश, सोनिया, पुनिता, नीलम, रीना, गीता कौशल, ममता, मीनू, परमजीत, राखी, कौशल्या, सीमा, सुनीता, कंवलजीत, खुशबू, नीलम साहुवाला, पारूल, रीना, भावना एवं पायल उपस्थित थे।। #newstodayhry @newstodayhry



