रानी लक्ष्मीबाई जयंती: महिलाओं ने ली हिम्मत और आत्मसम्मान की शपथ II
रानी लक्ष्मीबाई जयंती: महिलाओं ने ली हिम्मत और आत्मसम्मान की शपथ II


सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- दुनिया चाहें तुम्हें कितनी भी रोकने की कोशिश करें परंतु तुम्हें आज के इस युग मे रूकने की जरूरत नहीं हैं तथा हमारे लिए न्याय और आत्म सम्मान सबसे ऊपर हैं इसलिए हमें कभी भी हार नहीं माननी हैं और हमेशा हिम्मत रखकर असभंव काम को भी सभंव बनाना हैं। ये शब्द लाॅयन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर महिलाओं को संबोधित करते हुए कहें। उन्होंने कहा प्रथम भारतीय स्वतंत्रता सग्रंाम की महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जी की तलवार ने इतिहास ही नहीं; आने वाली पीढ़ियों का हौसला गढ़ा हैं, उन्होंने जो वीरता की विरासत छोड़ी, वही आज हर भारतीय नारी के आत्मबल और स्वाभिमान में जीवित हैं।
श्री साहुवाला ने कहा कि:-
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई जी ने देश में क्रांति भावना जागरूक की और भारत की नारी शक्ति का लोहा मनवाया; अपने असाधारण रण-कौशल से रानी लक्ष्मीबाई जी ने बर्बर अंग्रेजी शासन के दांत खट्टे कर सपूंर्ण विश्व में मां भारती के गौरव को स्थापित किया। उन्होंने कहा नारी शक्ति की अमर प्रतीक, अप्रतिम शौर्य की प्रतिमूर्ति, वीरता की जीवंत परिभाषा, महान वीरांगना, मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए, अपने प्राणों का बलिदान देने वाली झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन करते हैं। उन्होंने कहा रानी लक्ष्मीबाई ने अद्भुत साहस से न सिर्फ विदेशी हुकूमत को नतमस्तक किया बल्कि भारतीय वीरांगनाओं की शक्ति से सम्पूर्ण विश्व को भी चकित किया, उनकी शौर्य गाथाएं हमारे लिए अनमोल धरोहर हैं।
श्री साहुवाला ने कहा लक्ष्मीबाई को बचपन में प्यार से मन्नू कहते थे जो साधारण बच्ची नहीं थी बल्कि उनकी आँखों में चमक, दिल में हिम्मत और आवाज में आत्मविश्वास था। उन्होंने ने कहा मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों को बलिदान देने वाली झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर सभी महिलाओं ने शपथ ली कि हम देश की आन-बान और शान की सुरक्षा करेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो लड़ेगे तथा देश में फैली बुराईयों को दूर करेगें। इस अवसर पर सोनम, ममता, कुसुम, हर्षिता, रचना, मीनाक्षी, पूजा, पूनम, आरती, रीया आदि उपस्थित थे।। #newstodayhry @newstodayhry



