स्वर्णप्राशन से बच्चों को मिला आयुर्वेदिक अमृत, कुरुक्षेत्र में 400 से अधिक लाभान्वित II
स्वर्णप्राशन से बच्चों को मिला आयुर्वेदिक अमृत, कुरुक्षेत्र में 400 से अधिक लाभान्वित II


कुरुक्षेत्र-(संगीत गीत):- कुरुक्षेत्र श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में बच्चों को पिलाया स्वर्णप्राशन,बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अमृत है बूंद श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कौमारभृत्य विभाग द्वारा आयुर्वेदिक अस्पताल में शनिवार को स्वर्णप्राशन संस्कार शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 400 से अधिक बच्चों को स्वर्णप्राशन की बूंदें पिलाई गई। स्वर्णप्राशन शिविर का उद्देश्य बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता,बुद्धि, स्मरण शक्ति एवं संपूर्ण विकास को बढ़ाना है। कौमारभृत्य विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर वैद्य सुधीर मलिक ने बच्चों के अभिभावकों को स्वर्णप्राशन के लाभों के बारे में जागरूक किया और बताया कि हर पुष्य नक्षत्र के दिन यह संस्कार बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। स्वर्णप्राशन बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है। स्मरण शक्ति व बुद्धि विकास में सहायता करता है। बार-बार बीमार पड़ने वाले बच्चों को स्वास्थ्य लाभ देता है। स्वर्णप्राशन एक आयुर्वेदिक विधि है जिसमें शुद्ध स्वर्ण भस्म, घृत (घी), मधु और कुछ औषधियों के मिश्रण को विशेष विधि से तैयार कर बच्चों को दिया जाता है। यह परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है और बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में कारगर मानी जाती है। उन्होंने बताया कि स्वर्णप्राशन नवजात शिशु से लेकर 16 वर्ष की आयु तक पिलाया जाता है जिसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है उन्होंने बताया कि जो बच्चे स्वर्णप्राशन ले रहे हैं उनमें शारीरिक विमानसिक वृद्धि देखी गई है। आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में यह हर महा निशुल्क दिया जाता है जिसका लाभ कोई भी उठा सकता है।। #newstodayhry @newstodayhry



