नहर में डूबने से मामा और दो भांजियों की दर्दनाक मौत! छुट्टी का दिन बन गया मातम II
नहर में डूबने से मामा और दो भांजियों की दर्दनाक मौत! छुट्टी का दिन बन गया मातम II


नहर में डूबने से मामा और दो भांजियों की दर्दनाक मौत! छुट्टी का दिन बन गया मातम:-
बहादुरगढ़ के रोहद गांव में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। गांव के ही रहने वाले सुनील अपनी दो भांजियों रागिनी और उर्मी के साथ एनसीआर नहर पर कपड़े धोने के लिए गया था। यह एक आम दिन की सामान्य गतिविधि थी लेकिन यह दिन तीन जिंदगियों के लिए आखिरी बन गया।
भांजियों को बचाने में खुद भी फंस गया मामा:-
नहर के किनारे कपड़े धोते समय अचानक रागिनी और उर्मी का पैर फिसल गया और दोनों बहाव में गिर पड़ीं। मामा सुनील ने जैसे ही देखा कि बच्चियां पानी में बह रही हैं तो वह बिना सोचे समझे उन्हें बचाने के लिए नहर में कूद गया। लेकिन पानी का तेज बहाव तीनों को निगल गया।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन:-
हादसे के बाद से ही गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। शाम से लेकर सुबह तक नहर में तीनों के शवों की तलाश की जाती रही। सुबह गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और कुछ दूरी पर से मामा सुनील का शव बरामद कर लिया गया। फिलहाल बच्चियों की तलाश अभी जारी है।
ग्रामीणों ने किया प्रशासन का सहयोग:-
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस के साथ-साथ गांव के लोगों ने भी पूरा सहयोग दिया। गांव के कृष्ण नामक व्यक्ति ने बताया कि हादसा कपड़े धोते समय बच्चियों का पैर फिसलने से हुआ। तीनों के चप्पल और कपड़े नहर किनारे मिले जिससे पुष्टि होती है कि घटना कैसे हुई होगी।
सुनील की छुट्टी बनी जिंदगी की आखिरी शाम:-
मृतक सुनील गांव की प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करता था। शुक्रवार को उसकी छुट्टी थी इसलिए उसने सोचा कि शाम को बहन की बेटियों को साथ लेकर कपड़े धोने चला जाए। उसे क्या पता था कि ये छोटा सा फैसला तीन जानों की कीमत ले लेगा। पूरा गांव इस हादसे से गमगीन है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।। #newstodayhry @newstodayhry



