परमाणु विनाश की विभीषिका और शांति की पुकार II
परमाणु विनाश की विभीषिका और शांति की पुकार II


सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- जापान के शहर हिरोशिमा पर संयुक्त राज्य अमेरिका ने आज के दिन परमाणु बम का हमला किया था, जिससे उसके बाद अत्यंत भयानक और दर्दनाक स्थिति बन गई थी तथा आस-पास के लोगों की चीखें सुनाई दे रही थी और तबाही-तबाही नजर आ रही थी। जिससे पूरा का पूरा नगर बरबाद हो गया। ये शब्द लाॅयन्स क्लब सिरसा अमर के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रमेश साहुवाला ने स्थानीय मारुति मंदिर में हिरोशिमा दिवस पर बोलते हुए उसमें मारे गए लोगों के लिए प्रार्थना सेवा में कहें। उन्होंने कहा यह युद्ध केवल भौतिक विनाश नहीं था बल्कि यह मानवता के लिए एक गहरा आघात था। जिसमें संसार के नेताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया कि युद्ध और हिंसा का परिणाम बहुत बुरा होता है। इसलिए हमें परमाणु-युद्ध से ही नहीं बल्कि हर तरह के युद्ध से बचना चाहिए।
इस विस्फोट से लगभग दो लाख के करीब लोग मारे गए थें जो अपने आप मेंएक इतिहास हैं। श्री साहुवाला ने कहा सन् 1945 में हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम के कारण एक विशाल प्रकाश का विस्फोट हुआ तब यह सभी दिशाओं मे फैल गया जिससे मानव शरीर वाष्प बनकर उड़ गए और उनकी छायाएँ न केवल हिरोशिमा में हुए विनाश का प्रतीक है, बल्कि परमाणु हथियारों के विनाशकारी परिणामों को भी याद दिलाती हैं तथा ये मानव इतिहास में विभिषका के परिणाम आज भी वहाँ के लोग भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा परमाणु बम पीड़ितो के लिए एक स्मारक हिरोशिमा शांति स्मारक पार्क में स्थित हैं, जबकि नागासाकी परमाणु बम पीड़ितो की स्मृति में शांति प्रतिमा नागासाकी शांति पार्क में स्थित है। जिसे प्रतिवर्ष प्रांतीय प्रार्थना दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। श्री साहुवाला ने कहा आज हमें इस बात पर गौर करने की जरूरत हैं कि कोई भी देश किसी से भी युद्ध न करे तथा सभी मिलजुल कर प्रेम-भाईचारे से रहे। इस अवसर पर सभी ने भगवान से प्रार्थना की और विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर रजनी, दीपा, पायल, प्रियंका सलमा, नीलम, पारुल, रीना उपस्थित थें।। #newstodayhry @newstodayhry



