गौ संरक्षण का संदेश लिए राखियां, रक्षाबंधन पर सीमा के जवानों को समर्पित II
गौ संरक्षण का संदेश लिए राखियां, रक्षाबंधन पर सीमा के जवानों को समर्पित II


कुरुक्षेत्र-(संगीत गीत):- कुरुक्षेत्र गौ सेवा करने के लिए और गाय को बचाने के लिए सरकार के साथ-साथ सामाजिक संस्थाएं भी अच्छा काम कर रही है इसी कड़ी में सामाजिक संस्था सेवा भारती के द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ी पहल की गई है और गाय के गोबर से रक्षाबंधन के लिए राखी बनाई गई है। संस्था के द्वारा इस राखी को रक्षाबंधन के दिन 9 अगस्त को बॉर्डर पर तैनात भारतीय सेवा के जवानों को बढ़ने के लिए संस्था के लोग और बच्चे भी बॉर्डर पर जा रहे हैं और वहां पर एक के साथ रक्षाबंधन को मनाएंगे। भाई बहन के प्यार का प्रतीक का पर्व रक्षाबंधन पर गाय के गोबर से बनाई जा रही हैं राखियां। स्वदेशी राखियां बनेगी रक्षाबंधन पर 21 हजार कलाईयों की रौनक, गौ उत्पाद के माध्यम से की जा रही तैयार, राखियों के माध्यम से गौ संरक्षण का दिया जा रहा संदेश II
कुरुक्षेत्र में सामाजिक संस्था सेवा भारती हरियाणा द्वारा गो उत्पाद को घर-घर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, इसके चलते इस बार गो के उत्पाद से विशेष राखियां वात्सल्य वाटिका में तैयार की जा रही है, जो कि खूब आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, इन राखियों को तैयार करने में जहां गोमय पाउडर, इमली पाउडर का प्रयोग किया जा रहा है तो वहीं खुशबू के लिए तुलसी के बीजों का भी प्रयोग किया गया है।बता दे कि सेवा भारती की ओर से इस बार 21 हजार कलाईयों पर गो उत्पाद से तैयार की गई राखियां बांधने का लक्ष्य रखा गया है, जिसका उद्देश्य गौ संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और संस्कृति संरक्षण को बढ़ावा देना है।
कुरुक्षेत्र की वात्सलय वाटिका में 16 बालिकाओं की ओर से तैयार की जा रही इन राखियों को देश की सरहद पर तैनात सैनिकों की कलाईयों पर बांधने के लिए भी भेजा जाएगा। इन राखियों को तैयार करने का मकसद स्वदेशी वस्तुओं के बारे में जागरूकर करना है, ताकि लोग अपने देश में तैयार की गई राखियों के माध्यम से राखी का त्योहार मना सके। गोमय स्वावलंबी यात्रा संयोजक तरुण जैन ने बताया कि आजकल प्रचलन में आया है कि चाइनीज धागा और चाइनीज राखी का प्रयोग ज्यादा हो रहा है, एक ओर सरहद पर हमारे भाई चाइना से लड़ रहे है। जबकि दूरी ओर हम चाइना जैसे उत्पादों को बढ़ावा दे रहे है। इसलिए हमें अपने देश में बनी गो उत्पाद से तैयार की गई स्वेदशी राखी का प्रयोग करना चाहिए, जिससे हमें ऊर्जा मिलती है साथ ही हमारी सोच भी अच्छी रहती है। उन्होंने बताया कि सरहद पर देश के लिए लड़ रहे सैनिकों के लिए भी राखियां पहुंचाई जाएगी और इसलिए 21 हजार के करीब राखियां तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।। #newstodayhry @newstodayhry



