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सिंचाई संकट और बाढ़ के बीच किसानों का गुस्सा फूटा, कुरुक्षेत्र में प्रदर्शन की तैयारी

सिंचाई संकट और बाढ़ के बीच किसानों का गुस्सा फूटा, कुरुक्षेत्र में प्रदर्शन की तैयारी

कुरुक्षेत्र में सीएम आवास घेराव हेतु बीकेई टीम ने चोपटा क्षेत्र के गांवों में किया जनसंपर्क: सुभाष झोरड़
-हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सिरसा जिले से बड़ी संख्या में कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे किसान मजदूर: नरेंद्र सहारण
-हरियाणा के किसानों मजदूरों की मांगे मनवाने के लिए 1 सितंबर को कुरुक्षेत्र में उमड़ेगा किसानों व मजदूरों का जनसैलाब: झोरड़
सिरसा-(अक्षित कम्बोज):- बीकेई से सुभाष झोरड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि बीकेई टीम से महावीर झोरड़, सुरजीत झोरड़, सत्यजीत झोरड़ ने किसानों व मजदूरों की मांगों को लेकर रानियां हलके के गांवों में जाकर एक सितंबर को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए पहुंचने की अपील की। गांव कालूआना में ग्रामीणों के संबोधित करते हुए झोरड़ ने कहा कि 1 सितंबर को किसान सुबह 10 बजे से ताऊ देवीलाल पार्क पिपली रोड कुरुक्षेत्र में एकत्रित होना शुरू हो जाएंगे। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए सीएम आवास पर पहुंचेंगे। औलख ने कहा कि किसानों की मांगों में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के तहत सी2+50 के अनुसार एमएसपी तय करके किसानों की फसलों की खरीद सुनिश्चित की जाए, निम्न क्वालिटी व नकली बीज, खाद, कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाई जाए और खाद के वितरण में पारदर्शिता लाई जाए। खाद में टैगिंग व कालाबाजारी बंद की जाए। नहरों व ड्रेनों की सफाई और सिंचाई सुविधाओं में सुधार किया जाए। भारी बरसात के कारण पंजाब में हरियाणा के ऊपरी हिस्सों में बाढ़ आई हुई है, लेकिन सिरसा व फतेहाबाद की नहरों में पानी की सप्लाई नहीं दी जा रही है। नहरी पानी 3 सप्ताह सप्लाई व एक सप्ताह बंदी का शैड्यूल जारी किया जाए।

15 सितंबर से धान की खरीद शुरू की जाए:-

परमल धान में नमी के नाम पर काट लगाकर किसानों को न लूटा जाए। औलख ने कहा कि सरकार हर रोज किसानों पर नए-नए कानून थोप रही है, जैसे खाद पर पोर्टल की कंडीशन लागू करना, नए ट्यूबवैल कनेक्शन के लिए फव्वारा सिस्टम की अनिवार्यता, खेती के औजारों पर दी जाने वाली सब्सिडी के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पिछली तीन छमाही की फसलों के रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता, जीटी बेल्ट में धान में आए फिजी वायरस से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। ट्यूबवैल कनैक्शन में अनावश्यक प्रक्रियाएं समाप्त की जाए। बिजली बिल-2025 और स्मार्ट मीटर योजना को वापस लिया जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता लाई जाए, किसानों की मर्जी के बिना उनके केसीसी खातों से बीमा प्रीमियम ना काटा जाए। खरीफ -2023 में खराब हुई फसलों का बीमा क्लेम देने की बजाए बैंकों द्वारा कई महीनों बाद बीमा प्रीमियम वापस किया गयाए उनके किसानों का बीमा प्रीमियम भरवाकर क्लेम जारी किया जाए। केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका से आने वाली कपास पर आयत शुल्क हटाकर किसानों को बर्बाद करने का काम किया है। इस मौके पर इस मौके पर ठेकेदार कृष्ण भाकर, सुरेंद्र जाखड़, रामप्रताप सहारण, कृष्ण पूनिया, कृष्ण भारी, अग्रसेन जाखड़, प्रेम भाकर, सतपाल, राजवीर गोदारा, धर्मवीर जाखड़, सुरेंद्र नेहरा, भूप सिंह, अजय भारी आदि किसान मौजूद रहे।। #newstodayhry @newstodayhry

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