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यूरिया की कालाबाजारी जारी यमुनानगर में गोदाम और पैलेस से 672 कट्टे बरामद II

यूरिया की कालाबाजारी जारी यमुनानगर में गोदाम और पैलेस से 672 कट्टे बरामद II

यमुनानगर-(मनदीप कौर):- यमुनानगर में किसानों की सब्सिडी वाले यूरिया खाद की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही। आज फिर तीन मामला सामने आया, जिसमें यूरिया खाद के 1512 कृषि विभाग ने कब्जे में लिए हैं। पहला मामला यमुनानगर के साढ़ौरा में सामने आया जिसमें यूरिया के कट्टे एक पैलेस में रखे गए थे। जबकि 432 कट्टे अनाज मंडी में एक गोदाम में रखे गए थे। कृषि विभाग को इसकी सूचना मिली। मौके पर पुलिस के साथ छापेमारी की गई तो साढ़ौरा अनाज मंडी दुकान के गोदाम में रखे गए 432 कट्टे यूरिया खाद के बरामद किए गए। इसी तरह रॉयल पैलेस में रखे गए 240 कटे यूरिया खाद के कब्जे में लिए गए। उप कृषि निदेशक डॉक्टर आदित्य डबास ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि किसानों के सब्सिडी वाले यूरिया खाद को प्लाईवुड फैक्ट्री में बेचने के लिए किसी गोदाम और पैलेस में रखा गया है। मौके पर जांच की तो सूचना सही पाई गई।

दोनों जगह से 672 कटे कब्जे में लिए गए:-

तीसरे मामले में ट्रक से यूरिया खाद बरामद हुई। तीनों मामलों में कुल 1512 कट्टे बरामद किए गए। विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक बालमुकुंद को बुलाया गया। जिन्होंने बरामद की गई यूरिया के सैंपल लिए। उन्होंने बताया कि यह मामला साढ़ौरा पुलिस को सौंप दिया गया है। अब पुलिस इस मामले में पूरी जांच करके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

उप कृषि निदेशक ने बताया कि :-

साढ़ौरा के लाइसेंस विक्रेता को भी लाइसेंस रद्द करने का नोटिस दिया जाएगा, क्योंकि उन्हीं के यहां से यह यूरिया निकला था। वास्तव में किसानों की सब्सिडी वाला यूरिया लगभग 270 रुपए का कट्टा मिलता है, जबकि प्लाईवुड फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले यूरिया की कीमत ₹2000 प्रति बैग है। कुछ दलाल सक्रिय होकर किसानों के सब्सिडी वाले यूरिया को लेकर बीच में मुनाफा कमा कर प्लाईवुड फैक्ट्री में बेच देते हैं। यह धंधा लंबे समय से चल रहा है। उप कृषि निदेशक ने बताया कि इस मामले में विभाग द्वारा लगातार छापेमारी की जाती रहती है, ताकि किसानों के सब्सिडी वाले यूरिया का दुरुपयोग ना हो, लेकिन इसके बावजूद ऐसे मामले सामने आते हैं जहां विभाग द्वारा कार्यवाही की जाती है।। #newstodayhry @newstodayhry

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