मुक्ती धाम के अभाव में परेशान बालोदिया पंचायत के ग्रामीण II
मुक्ती धाम के अभाव में परेशान बालोदिया पंचायत के ग्रामीण II

बारिश के समय में खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार करने को मजबूर ग्रामीणों की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं:-
पाल पल्ली और तिरपाल के सहारे होता है अंतिम संस्कार:-
मंदसौर-(पवन कुमार लोधी):- एक वर्ष पूर्व मोदीजी द्वारा गोद ली गई बालोदिया पंचायत में समस्याओं का अंबार ना लकड़ी रखने के लिए कमरा ना मुक्ति धाम का सेड ना मुक्ति धाम जाने के लिए रास्ता बारिश में होती हैं ज्यादा समस्या मंदसौर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बालोदिया वैसे तो आजादी के बाद से मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा है! एक वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्राम पंचायत बालोदिया को गोद लिया गया है तब ग्रामीणों को बड़ी उम्मीद जगी थी परंतु! एक साल बितने के बाद भी समस्याओं का अंबार है आजादी के 75 वर्ष बीतने के बाद भी चार गांव की आदिवासी पंचायत मूलभूत सुविधाओं से वंचित है सरपंच भेरुलाल दमामी ने एक साल पहले बताया कि एक साल पहले मुक्ति धाम को लेकर एक मांग पत्र सौंपा है.. ग्रामीण बताते हैं कि गांव में बरसात के समय में मुक्ति धाम के अभाव में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है! सरकारी विकास की पोल खोलने वाला ताजा मामला बालोदिया से सामने आया जहां गांव के ही वृद्ध शंभू लाल भील के निधन के बाद खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार किया गया ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से है जनप्रतिनिधियों के उदासीनता और सिस्टम की लापरवाही के कारण बालोदिया पंचायत आज भी मूलभूत सुविधाओं सहित मुक्तिधाम का अभाव महसूस कर रही है II #newstodayhry @newstodayhry



