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सुबाखेड़ा भादड़ा के पास मम्मड़ नहर में आई दरार से आसपास फसलें हुई जलमग्न II

सुबाखेड़ा भादड़ा के पास मम्मड़ नहर में आई दरार से आसपास फसलें हुई जलमग्न II

बड़ागुढ़ा (गुरनैब दंदीवाल):- क्षेत्र के गांव सुबाखेड़ा , भादड़ा, सुखचैन सीमांत क्षेत्र में वीरवार सुबह करीब आठ बजे अचानक मम्मड़ नहर में आई दरार के चलते आसपास करीब 60 एकड़ खड़ी नरमा व धान की फसलों में पानी भर गया। किसान रविंद्र रमी सुबाखेड़ा के तीन एकड़ धान की फसल में पानी भरा, सोढ़ी सिंह बीरुवाला गुढ़ा के सुखचैन गाँव की ठेके पर ली गई जमीन पर सात एकड़ धान में पानी भरा, किकर सिंह बीरुवाला गुढ़ा की पांच एकड़ धान में पानी भरा। भादड़ा के बंसी लाल, हवा सिंह, भगवान दास रामस्वरूप कालू राम साहब राम, रामसिंह, रिसाल कुमार सोढी आदि किसानों की फसलों में भी पानी भर गया। नहर टुटने की जानकारी मिलने पर नहरी विभाग से कर्मचारी अधिकारी मौका पर पहुंचे और पीछे पंजाब में हैड से पानी बंद करवा गया। नहर की पटरी मे करीब 60 फुट चौड़ी आई दरार को भरने के लिए जेसीबी मशीनों एवं ट्रैक्टर ट्रालियों से दूर खेतों में से मिट्टी लाई गई। जिसे बाद में मौके पर उपस्थित मनरेगा एवं नहरी विभाग के कर्मचारियों ने मिट्टी के बैगों को भरकर पटरी में आई दरार भरने का काम शुरू किया। फसलों में पानी जमा होने पर किसानों ने बताया कि इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ अब धान की फसलें काटने के तैयार थी लेकिन देरी से काम चलेगा। किसान बंसी लाल, हला सिंह, हरमीत गिल भादड़ा, वकील शर्मा सुबाखेड़ा ने बताया कि इससे पहले सुबह पीछे भी पटरी में पानी लिकेज हो गया था लेकिन समय रहते आसपास खेतों के किसानों ने पानी की लिकेज बंद कर दी गई थी। जिसके बाद आगे बुर्जी नंबर 52000 के पास नहर की पटरी में हुई लिकेज से आसपास खेतों में खड़ी फसलों में पानी जमा हो गया है । खेतों में पक कर तैयार फसलों में पानी भरने पर किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों ने बताया कि मम्मड़ नहर में जब भी पानी आता है तब तब ये अक्सर टुटती रहती है। सबंधित विभाग को पता होने के बावजूद भी नहर की कमजोर पटरियों पर मिट्टी डालकर मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए जिस कारण मम्मड़ नहर बार बार टुटने में रिकॉर्ड बना चुकी है। मम्मड़ नहर की पटरी में आई दरार के कारण करीब 60 फुट कट लगने के कारण सुबह आठ बजे से टूटी नहर को शाम तक भी बांधा नहीं गया था जिस कारण आसपास काफी एकड़ फसलें जलमग्न हो गई।किसानों ने बताया कि दो सप्ताह के बाद नहर में पानी आया था जिससे आज अनेकों किसान अपनी नहरी पानी की बारी लगाने से बंचित रह गए। पीछे नहर टुटनेआएग टेल तक पानी न पहुंचने से किसानों को आगामी सरसों आदि फसलों की बिजाई करने के लिए सिंचाई न होने पर भी परेशानी आएगी। किसानों की हरियाणा के मुख्यमंत्री से मम्मड़ नहर के बार बार टुटने से निजात दिलाने की मांग की है।। #newstodayhry @newstodayhry

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