डेरा सच्चा सौदा के शाह सतनाम सिंह जी के पैतृक गांव के रूप में जाना जाता है गांव जलालआना।।
डेरा सच्चा सौदा के शाह सतनाम सिंह जी के पैतृक गांव के रूप में जाना जाता है गांव जलालआना।।

ओढ़ा-(गुरनैब दंदीवाल):-खंड ओढ़ा का ऐतिहासिक गांव जलालआना अपनी धार्मिक, सामाजिक और खेल उपलब्धियों के लिए क्षैत्र में अलग पहचान रखता है। समाजसेवी कुलदीप मुनि ने बताया कि गांव का नाम पुराने समय में यहां रहने वाले दो फकीर भाइयों जलाल और जगमाल के नाम पर पड़ा। यही नहीं यह गांव डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गुरु परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज का पैतृक गांव होने के कारण भी विशेष महत्व रखता है। गांव में आज भी शाह सतनाम सिंह जी का परिवार निवास करता है। यहां स्थित पुराना डेरा और खेल स्टेडियम देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु और अनुयायी पहुंचते हैं। शाह सतनाम सिंह जी का जन्म 25 जनवरी 1919 को इसी गांव में हुआ था। वर्ष 1960 में वे डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख बने और 13 दिसंबर 1991 को पंचतत्व में विलीन हो गए थे। सरपंच अंग्रेज सिंह ने बताया कि इतिहास की बात करें तो पुराने समय में इस स्थान पर जलाल और जगमाल नाम के दो फकीर भाई रहते थे। उनके नाम से ही गांव का नाम पड़ा। गांव में एक पुराना जोहड़ भी था, जहां से आसपास के गांवों के लोग पानी भरने आते थे। गांव में मुख्य रूप से जट सिख परिवार निवास करते हैं, हालांकि नाई, कुम्हार, बनिया, जाट और मजहबी सिख सहित अन्य बिरादरियों के लोग भी यहां रहते हैं। जलालआना गांव अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स खिलाड़ी गोल्डन गुलाब सिंह के कारण भी प्रसिद्ध है। गुलाब सिंह ने भारतीय सेना में रहते हुए खेलों में देश का नाम रौशन किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दौड़ में 41 गोल्ड, 6 सिल्वर और 3 कांस्य पदक जीते। इसी प्रकार गांव के एक अन्य गौरव स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय बाबु सिंह भी इसी गांव के निवासी रहे हैं। गांव में सभी धर्मों के प्रति आस्था देखने को मिलती है। यहां डेरा सच्चा सौदा आश्रम, गुरुद्वारा साहिब, बाबा रविदास मंदिर, श्री बाल्मीकि मंदिर, बाबा रामदेव मंदिर, रूणेचा धाम मंदिर और सत करतार नामक संप्रदाय स्थित हैं। गांव के पहले सरपंच सम्पूर्ण सिंह बने। इसके बाद उनके पुत्र जंगीर सिंह और फिर जगराज सिंह करीब 27 वर्षों तक सरपंच रहे। वर्तमान में अंग्रेज सिंह गांव के सरपंच हैं। गांव में आरोही स्कूल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पशु अस्पताल आयुर्वेदिक हैल्थ डिस्पेंसरी सहकारी समिति और आंगनबाड़ी केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। गांव में करीब 150 वर्ष पुरानी तीन ऐतिहासिक हवेलियां भी हैं जो अब जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं।। #newstodayhry @newstodayhry
